कुवैत के रक्षा मंत्री Sheikh Abdullah Ali Abdullah Al-Salem Al-Sabah ने उन सैन्य कर्मियों से मुलाकात की जो हालिया ईरानी हमलों में घायल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अस्पतालों में दी जा रही मेडिकल सुविधाओं का जायजा लिया। कुवैत में पिछले कुछ दिनों से क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया है, जिसके चलते यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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हमलों और सरकारी प्रतिक्रिया की जानकारी
17 जुलाई 2026 को हुए एक हमले में कुवैत के बिजली उत्पादन और जल विलवणीकरण संयंत्र को नुकसान पहुंचा, जिसमें कई जवान घायल हुए। इसके अलावा, 15 जुलाई 2026 को नौसेना के जवानों पर हुए हमले के बाद भी रक्षा मंत्री ने घायलों का हालचाल जाना था। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Col. Saud Al-Atwan ने पुष्टि की है कि 16 जुलाई की सुबह से अब तक कुवैती सेना ने 32 दुश्मन ड्रोन्स को बीच हवा में ही मार गिराया है।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस ईरानी हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और देश की संप्रभुता पर प्रहार बताया है। मंत्रालय ने UN Security Council Resolution 2817/2026 का हवाला देते हुए कहा है कि कुवैत अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार है। फिलहाल कुवैत की सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए कुवैत के विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Al-Jaber Al-Sabah ने सऊदी अरब, बहरीन और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों से चर्चा की है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव Jassim Al-Budaiwi ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक गंभीर खतरा बताया है।
