Kuwait इस समय बड़े सुरक्षा संकट से गुजर रहा है जहाँ लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ रहा है. देश की सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर इन हमलों को रोकने के लिए मोर्चा संभाला है. इस तनाव के बीच आम लोगों को सावधानी बरतने और केवल आधिकारिक खबरों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है.

हमलों का आंकड़ा क्या है और कहां निशाना बनाया गया

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक Kuwait के डिफेंस सिस्टम ने अब तक 852 ड्रोन, 354 बैलिस्टिक मिसाइल और 15 क्रूज मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया है. इन हमलों का मुख्य निशाना देश के तेल प्लांट, बिजली घर, बंदरगाह और Kuwait International Airport जैसे रणनीतिक ठिकाने थे. सुरक्षा बल पूरी तरह अलर्ट पर हैं ताकि किसी भी बड़े नुकसान को रोका जा सके.

हमलों से कितना नुकसान हुआ और कौन है इसके पीछे

  • 30 मार्च 2026 को एक बिजली और पानी के प्लांट पर 13 ड्रोन से हमला हुआ जिसमें एक कर्मचारी की जान चली गई और काफी भौतिक नुकसान हुआ.
  • 10 अप्रैल 2026 को ईरान की तरफ से आए 7 ड्रोन ने National Guard के ठिकानों को निशाना बनाया जिससे कुछ सदस्य घायल हुए.
  • 24 अप्रैल 2026 को Iraq की सीमा से दो विस्फोटक ड्रोन ने उत्तरी बॉर्डर पोस्ट पर हमला किया.
  • विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah ने इन हमलों को ईरान की आक्रामकता बताया और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है.

सुरक्षा के लिए सरकार ने क्या इंतजाम किए हैं

Ministry of Defense ने 28 फरवरी से ही एक व्यापक राष्ट्रीय प्रतिक्रिया योजना लागू की है. Ministry of Interior के Undersecretary Abdulwahab Al-Wuhaib और Army के Lieutenant General Khalid Dirj Saad Al-Shuraian ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आपसी समन्वय पर चर्चा की है. इसके अलावा कुवैती अधिकारियों ने देश के भीतर Hezbollah से जुड़े 3 आतंकवादी सेल को भी पकड़ा है. जनता से अपील की गई है कि वे जमीन पर गिरे किसी भी संदिग्ध मलबे के पास न जाएं और तुरंत इसकी सूचना दें.