कुवैत और ईरान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कुछ सशस्त्र जवान चोरी-छिपे कुवैत के बूब्यान आइलैंड (Boubyan Island) में घुस आए। वहां कुवैती सेना और ईरानी जवानों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक कुवैती सैनिक घायल हो गया। अब कुवैत सरकार ने ईरान से अपनी इन हरकतों को तुरंत और बिना किसी शर्त के रोकने की मांग की है।

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बूब्यान आइलैंड पर क्या हुआ और कैसे हुई झड़प?

12 मई 2026 को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का एक समूह बूब्यान आइलैंड में दाखिल हुआ। उनका इरादा हमलावर था, इसलिए कुवैती सशस्त्र बलों ने उन्हें वहीं रोक लिया। इस दौरान दोनों तरफ से भिड़ंत हुई और एक कुवैत सैनिक को चोट आई। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला और अंतरराष्ट्रीय कानून का बड़ा उल्लंघन बताया है।

कुवैत ने ईरान से क्या मांग की और क्या है अगला कदम?

कुवैत के विदेश मंत्रालय (Kuwaiti Ministry of Foreign Affairs) ने साफ कहा है कि ईरान अपनी गैरकानूनी और शत्रुतापूर्ण हरकतें तुरंत बंद करे। कुवैत ने कहा कि ईरान का यह कदम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2817 (2026) की अनदेखी है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि कुवैत को अपने लोगों और देश की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा का पूरा हक है और वह अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा सकता है।

क्या पहले भी ऐसे हमले हुए थे?

  • 11 मई 2026 को कुवैत के हवाई क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन देखे गए थे, जिन्हें सेना ने तय नियमों के हिसाब से नष्ट कर दिया था।
  • UAE ने भी कुवैत पर हुए इन ड्रोन हमलों की निंदा की थी और अपना समर्थन जताया था।
  • सऊदी अरब ने भी पहले कुवैत की सुरक्षा का समर्थन किया और ईरान की इन हरकतों की कड़ी आलोचना की थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बूब्यान आइलैंड पर हमला कब हुआ और क्या नुकसान हुआ?

यह घटना 12 मई 2026 को हुई, जब IRGC के सशस्त्र जवान अवैध रूप से कुवैत की सीमा में घुसे। इस झड़प में एक कुवैती सशस्त्र बल का सदस्य घायल हुआ।

कुवैत ने किस अंतरराष्ट्रीय नियम का हवाला दिया है?

कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51, जो आत्मरक्षा का अधिकार देता है, और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का जिक्र किया है।