कुवैत सरकार ने सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। फरवानिया गवर्नरेट के जलीब अल-शयूख इलाके में 42 जर्जर और असुरक्षित इमारतों को गिराने की कार्रवाई तेजी से चल रही है। 3 जून 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, नगरपालिका की टीमें इन खतरनाक ढांचों को गिराने के काम की लगातार निगरानी कर रही हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना और किसी भी बड़े हादसे को रोकना है। इस इलाके में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और विदेशी नागरिक रहते हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है।

क्यों गिराई जा रही हैं ये 42 इमारतें और क्या है पूरा मामला?

कुवैत नगरपालिका ने साफ किया है कि ये इमारतें बेहद कमजोर हो चुकी थीं और रहने के लायक नहीं बची थीं। गवर्नमेंट सेंटर फॉर टेस्टिंग, क्वालिटी कंट्रोल एंड रिसर्च की रिपोर्ट में इन इमारतों को जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया गया था। सरकारी नियमों के मुताबिक, मकान मालिकों को दो हफ्ते के अंदर खुद ही इन इमारतों को खाली कराकर गिराने का नोटिस दिया गया था। समय सीमा बीत जाने के बाद अब नगरपालिका खुद इन इमारतों को गिराने का काम कर रही है और इसका पूरा खर्च भी मकान मालिकों से ही वसूला जाएगा।

अब तक कितनी इमारतें गिराई गईं और क्या हैं सुरक्षा नियम?

ताजा जानकारी के अनुसार, कुल 42 इमारतों में से 15 को नगरपालिका ने गिरा दिया है, जबकि 5 इमारतों को उनके मालिकों ने खुद ही ध्वस्त कर दिया है। बची हुई 22 इमारतों को भी जल्द ही तय समय सीमा के अंदर गिरा दिया जाएगा। इस बड़ी कार्रवाई से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी को नुकसान न पहुंचे:

  • इमारतों में रह रहे सभी प्रवासियों और परिवारों को पहले ही सुरक्षित बाहर निकाला गया।
  • हादसों से बचने के लिए सबसे पहले बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए गए।
  • आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है ताकि राहगीरों को चोट न लगे।
  • गाड़ियों को इन इमारतों के पास पार्क करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

किन सरकारी विभागों ने मिलकर की यह कार्रवाई?

इस बड़े अभियान को सफल बनाने के लिए कुवैत नगरपालिका की महानिदेशक इंजीनियर मनाल अल-अस्फूर और गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ के निर्देशों पर काम किया जा रहा है। साइट पर काम की देखरेख इंजीनियर मुबारक अल-वतारी कर रहे हैं। इस कार्रवाई में कुवैत नगरपालिका के साथ-साथ गृह मंत्रालय, कुवैत फायर फोर्स, बिजली और पानी मंत्रालय, और स्वास्थ्य मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं। सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों से खिलवाड़ करने वाली किसी भी इमारत को बख्शा नहीं जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत के जलीब अल-शयूख में इमारतों को क्यों गिराया जा रहा है?

सुरक्षा जांच रिपोर्ट में इन 42 इमारतों को बेहद जर्जर और असुरक्षित घोषित किया गया था, जिससे आम लोगों और प्रवासियों की जान को खतरा था। इसलिए इन्हें गिराने का फैसला लिया गया।

यदि मकान मालिक खुद इमारत नहीं गिराता तो क्या नियम है?

नियम के अनुसार, मकान मालिक को दो सप्ताह का समय दिया जाता है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो कुवैत नगरपालिका खुद इमारत को गिरा देती है और इसका पूरा खर्च मालिक से वसूला जाता है।