Kuwait सरकार ने हाल ही में उन सभी खबरों का खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि कुवैत ने Iran पर अमेरिकी हमलों में मदद की है। Wall Street Journal की एक रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि कुवैत और Bahrain ने गुप्त रूप से अपने फाइटर जेट्स का इस्तेमाल ईरान के ड्रोन और मिसाइल ठिकानों पर हमला करने के लिए किया है, जिसे कुवैत ने सिरे से खारिज कर दिया है।
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तनाव के बीच राजनयिक कोशिशें
26 जुलाई 2026 को ईरान पर अमेरिकी हवाई हमलों में एक ठहराव देखा गया है, जो लगातार 13 दिनों के हमलों के बाद पहली बार हुआ है। हालांकि, हमलों में कमी आई है लेकिन CENTCOM ने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी अभी भी जारी है। अब तक इस ऑपरेशन के दौरान 12 जहाजों को रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया गया है, जबकि कुछ जहाजों को तलाशी के लिए रोका गया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान का दावा
ईरान के IRGC ने आरोप लगाया है कि 23 जुलाई को उन्होंने कुवैत के Al-Adiri बेस पर इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर यूनिट को निशाना बनाया था। ईरान ने चेतावनी दी है कि जो भी देश अपने सैन्य बेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ करेगा, उसे वैध सैन्य लक्ष्य माना जाएगा। दूसरी ओर, कुवैत की सशस्त्र सेनाओं ने अपने हवाई क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दी थी और इससे पहले भी कई बार अपनी संलिप्तता से इनकार किया है। अभी व्हाइट हाउस में अमेरिकी इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी को लेकर भी चर्चा चल रही है, जो Jordan में हुए हमले के बाद एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है।
