कुवैत के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के ऊर्जा ठिकानों पर हुए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है। कुवैत ने अबू धाबी के Habshan गैस सुविधा और Bab फील्ड पर हुए इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन करार दिया है। आधिकारिक बयान के अनुसार, ये हमले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 के खिलाफ हैं और पड़ोसी देशों के सिद्धांतों को नुकसान पहुँचाते हैं। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते इस तनाव ने प्रवासी भारतीयों और स्थानीय निवासियों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

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हमले का विवरण और सुरक्षा स्थिति

ईरान की ओर से UAE के महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया गया है। UAE के रक्षा बलों ने जानकारी दी है कि उन्होंने ईरान द्वारा दागे गए 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 27 ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया। संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक सुरक्षा बलों ने 1,600 से अधिक ड्रोन और सैकड़ों मिसाइलों को रोककर बड़े नुकसान को टाला है। इन हमलों की वजह से क्षेत्र में उड़ानों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है, जिससे खाड़ी में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और मुख्य घटनाक्रम

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 11 मार्च 2026 को ही प्रस्ताव 2817 पारित कर ईरान से इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की थी। कुवैत ने साफ किया है कि वह UAE के साथ खड़ा है और अपनी सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम का समर्थन करता है।

तारीख महत्वपूर्ण घटना
11 मार्च 2026 UNSC ने ईरान के हमलों के खिलाफ प्रस्ताव 2817 पारित किया
19 मार्च 2026 कुवैत ने Habshan और Bab फील्ड पर हमले की आधिकारिक निंदा की
19 मार्च 2026 UAE ने 13 मिसाइलों और 27 ड्रोन को हवा में मार गिराया
19 मार्च 2026 कतर के Ras Laffan इंडस्ट्रियल सिटी पर भी ईरानी हमले की रिपोर्ट

कतर के विदेश मंत्रालय ने भी अपने औद्योगिक क्षेत्र पर हुए हमलों की शिकायत की है। ईरान ने चेतावनी जारी कर कुछ इलाकों को खाली करने को कहा है, जिससे सऊदी अरब, कतर और UAE में चिंता बढ़ गई है।