कुवैत के सूखे रेगिस्तान में इन दिनों कुदरत का अनोखा रूप देखने को मिल रहा है। भारी बारिश की वजह से यहाँ के मैदान अब झीलों और तालाबों में बदल चुके हैं। इस बदलाव से इलाके में अचानक हरियाली छा गई है और कई तरह के पक्षी यहाँ पहुँच रहे हैं।
रेगिस्तान में झीलों का बनना और इसके फायदे
GCC Statistical Center की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में बारिश की दर में 49.4 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है। इस वजह से कुवैत के रेगिस्तानी इलाकों में पानी जमा हो गया है, जिससे छोटे-छोटे तालाब और झीलें बन गई हैं। Mubarak Al-Hajri ने बताया कि रेगिस्तान में ‘khubari’ नाम की प्राकृतिक संरचनाएं होती हैं, जो बारिश के पानी को रोकने का काम करती हैं। इससे ज़मीन के नीचे का पानी फिर से भर रहा है और यह पानी भविष्य में सिंचाई के काम आ सकता है। इससे देश की डिसेलिनेशन प्लांट पर निर्भरता कम होगी।
सरकारी योजनाएं और विशेषज्ञों की राय
पर्यावरण विशेषज्ञ Fnees Al-Ajmi ने छोटे बांध और पानी रोकने वाले गड्ढे बनाने की सलाह दी है ताकि इस पानी को ज़मीन के नीचे स्टोर किया जा सके। Environment Public Authority (EPA) की Acting Director-General Nouf Behbehani ने कहा है कि एजेंसी पौधों को बचाने और ज़रूरत से ज़्यादा चराई रोकने के लिए महत्वपूर्ण साइटों की फेंसिंग कर रही है। यह कदम Vision 2035 के तहत रेगिस्तानीकरण को रोकने के लिए उठाया गया है।
- Ministry of Public Works और PART जल निकासी प्रणालियों और जलाशयों को आधुनिक बनाने पर काम कर रहे हैं।
- Kuwait Environment Protection Society (KEPS) ने पानी की कमी को दूर करने के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग को एक रणनीतिक समाधान बताया है।
- विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश से अचानक बाढ़ और मिट्टी के कटाव का खतरा भी रहता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत के रेगिस्तान में बारिश के कारण क्या बदलाव आए हैं
भारी बारिश की वजह से रेगिस्तानी मैदानों में झीलें और तालाब बन गए हैं, जिससे वहाँ पौधों और फूलों की वृद्धि हुई है और कई पक्षी वहां जमा होने लगे हैं।
बारिश के पानी को बचाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं
EPA पौधों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग कर रहा है और विशेषज्ञों ने छोटे बांध और रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने का सुझाव दिया है ताकि पानी को ज़मीन के नीचे स्टोर किया जा सके।