कुवैत सरकार ईरान की लगातार बढ़ती हरकतों और क्षेत्रीय तनाव को लेकर काफी गंभीर है। हाल ही में कुवैत के डिप्टी विदेश मंत्री ने दुनिया के सामने अपना कड़ा रुख रखा है। सरकार का कहना है कि ईरान की वजह से इलाके में अस्थिरता फैल रही है और देश अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।

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कुवैत ने दुनिया के सामने क्या रखा अपना पक्ष?

कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और अरब लीग के सामने ईरान की आक्रामकता का मुद्दा उठाया है। मार्च 2026 में विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की थी। कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासचिव को चिट्ठी लिखकर बताया कि कैसे ईरान और उसके समर्थित मिलिशिया देश की शांति को भंग कर रहे हैं। इसके अलावा, जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि Ambassador Nasser Al-Hayen ने भी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की थी।

ईरान के हमलों से कुवैत में क्या नुकसान हुआ?

सरकारी जानकारी के अनुसार, ईरान और उसके समर्थित समूहों ने मिसाइल और ड्रोन के जरिए हमले किए। इन हमलों में Kuwait International Airport, ईंधन टैंक और पब्लिक इंस्टीट्यूशन फॉर सोशल सिक्योरिटी के दफ्तरों को निशाना बनाया गया। इन घटनाओं में जान-माल का नुकसान हुआ और आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ी। साथ ही कुवैत की सुरक्षा एजेंसियों ने हिजबुल्लाह से जुड़े आतंकी सेल को भी पकड़ा है, जो देश में गड़बड़ी फैलाने की कोशिश कर रहे थे।

अब कुवैत आगे क्या कदम उठाएगा?

कुवैत ने साफ कर दिया है कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार रखता है। देश ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि ईरान के खिलाफ सख्त और कड़े कदम उठाए जाएं। साथ ही कुवैत चाहता है कि भविष्य में ईरान के साथ होने वाली किसी भी बातचीत में क्षेत्रीय देशों को शामिल किया जाए ताकि इलाके में शांति और स्थिरता बनी रहे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत ने ईरान के खिलाफ कहां शिकायत की है?

कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र महासचिव, मानवाधिकार परिषद और अरब लीग के सामने अपनी शिकायतें रखी हैं।

ईरान के हमलों में किन जगहों को निशाना बनाया गया?

हमलों में मुख्य रूप से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ईंधन टैंक और सोशल सिक्योरिटी मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया।