कुवैत सरकार ने चैरिटी सेक्टर में सख्ती बढ़ाते हुए तीन संस्थाओं को बंद करने का फैसला किया है। ये संस्थाएं काफी समय से निष्क्रिय थीं और सरकारी नियमों का पालन नहीं कर रही थीं। इस कदम का मुख्य मकसद दान के पैसों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना और सिस्टम में पारदर्शिता लाना है।
यह फैसला 18 जून 2026 को घोषित किया गया। सरकारी जांच और प्रशासनिक समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि ये संगठन लंबे समय से कोई सार्थक काम नहीं कर रहे थे। साथ ही, इन संस्थाओं ने देश में लाइसेंस प्राप्त चैरिटी के लिए जरूरी कानूनी और वित्तीय जिम्मेदारियों को भी पूरा नहीं किया था।
सामाजिक, परिवार और बचपन मामलों की मंत्री Dr. Amthal Al-Huwailah ने इन तीनों चैरिटी संस्थाओं को भंग करने का आदेश जारी किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मंत्रालय चैरिटी संस्थाओं की निगरानी को और तेज करेगा और सभी गतिविधियों को रेगुलेट करेगा।
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पारदर्शिता और शासन के मानकों का पालन करना बहुत जरूरी है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि लोगों द्वारा दिया गया दान सुरक्षित रहे और वह सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
कुवैत के सामाजिक मामलों के मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सभी रजिस्टर्ड संस्थाओं को ऑपरेशनल गाइडलाइन्स और रिपोर्टिंग मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। मंत्रालय अब नियमित ऑडिट करेगा और वित्तीय विवरणों की जांच करेगा।
सरकार ने चेतावनी दी है कि जो चैरिटी संस्थाएं निष्क्रिय रहेंगी या नियमों का उल्लंघन करेंगी, उन्हें काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जनता के भरोसे को बचाने और बेहतर गवर्नेंस के लिए ऐसी संस्थाओं को बंद करने जैसी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।