कुवैत में घरेलू कामगारों के साथ धोखाधड़ी और उनके शोषण का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक स्पॉन्सर को पब्लिक प्रॉसिक्यूशन (Public Prosecution) के हवाले किया गया है। जांच में पता चला है कि वह अपने नीचे काम करने वाले प्रवासियों का गलत इस्तेमाल कर रहा था और उनके जरिए अवैध कमाई कर रहा था।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन के रेजिडेंस अफेयर्स इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने जांच की। पुलिस ने एक विदेशी महिला को गिरफ्तार किया है जिस पर ‘कैश-आउट’ स्कीम चलाने का आरोप है। इस स्कीम में घरेलू कामगारों से किस्तों पर मोबाइल फोन और घरेलू सामान खरीदा जाता था, जिसे बाद में वह महिला बहुत कम दाम में खरीद लेती थी। इस वजह से गरीब कामगार भारी कर्ज में डूब गए।
जांच के दौरान स्पॉन्सर ने यह बात कबूल की कि उसने अपने नाम पर रजिस्टर्ड सात घरेलू कामगारों को दूसरों के यहाँ अवैध रूप से काम करने की अनुमति दी थी। इसके बदले में वह स्पॉन्सर उनसे पैसे लेता था। अधिकारियों ने साफ किया कि एक स्पॉन्सर के पास कई कामगार होना गलत नहीं है, लेकिन रेजिडेंसी परमिट का इस्तेमाल पैसों के लिए करना और कामगारों को अवैध तरीके से दूसरों के पास भेजना कानून का उल्लंघन है।
8 और 9 जुलाई 2026 को इस मामले में ताजा अपडेट दिए गए। अब स्पॉन्सर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। साथ ही यह भी सामने आया है कि जांच के बाद स्पॉन्सर ने उन सात कामगारों के खिलाफ एब्सकोंडिंग (absconding) यानी फरार होने का केस भी दर्ज करा दिया है।
