कुवैत जाने वाले फिलीपीन घरेलू कामगारों के लिए एक ज़रूरी अपडेट आया है। कई महीनों के बैन के बाद अब दोबारा कामगारों को भेजने की तैयारी हो रही है, लेकिन ट्रेनिंग सेमिनार की वजह से काम रुक रहा है। अब CLADS नाम की संस्था ने सरकार से मांग की है कि इन सेमिनारों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि लोग अपनी नौकरी पर जा सकें।
CLADS ने DMW से क्या मांग की है?
Coalition of Licensed Agencies for Domestic, Service, and Skilled Workers (CLADS) ने 8 मई को माइग्रेंट वर्कर्स विभाग (DMW) की अंडरसेक्रेटरी फेलिसिटास क्यू बाय को एक औपचारिक पत्र लिखा। इस पत्र में बताया गया कि जनवरी महीने से ही बहुत से घरेलू कामगारों ने अपनी सारी कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन ओरिएंटेशन सेमिनार न होने की वजह से वे कुवैत नहीं जा पा रहे हैं। CLADS ने प्रशासन से इन सेमिनारों को तेज़ी से कराने की अपील की है।
कुवैत जाने वालों के लिए क्या हैं नए नियम?
फिलीपींस और कुवैत के बीच हुए नए समझौते के बाद अब कामगारों की सुरक्षा के लिए कई कड़े कदम उठाए गए हैं। इन नियमों का मकसद विदेश में काम करने वालों के अधिकारों की रक्षा करना है। मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:
- सैलरी का भुगतान: अब वेतन इलेक्ट्रॉनिक तरीके से दिया जाएगा ताकि कामगारों को समय पर पैसा मिले।
- एजेंटों की निगरानी: खराब रिकॉर्ड वाले रिक्रूटमेंट एजेंसियों और नियोक्ताओं को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
- वेलफेयर ऑफिसर: कामगारों की मदद और उनकी निगरानी के लिए विशेष वेलफेयर ऑफिसर तैनात रहेंगे।
- अनुभव की शर्त: घरेलू कामगारों के लिए विदेश में पहले काम करने का अनुभव होना ज़रूरी कर दिया गया है।
ट्रेनिंग में अब परिवार भी होंगे शामिल
जनवरी 2025 में हुई चर्चाओं के बाद यह तय हुआ कि प्री-डिपार्चर सेमिनार में अब कामगारों के परिवार वालों को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि परिवार भी विदेश में काम करने के दौरान आने वाले खतरों और मौकों को ठीक से समझ सकें। इसके अलावा, दोनों देशों ने मिलकर एक जॉइंट टेक्निकल वर्किंग कमेटी बनाई है जो समय-समय पर लेबर से जुड़ी समस्याओं को सुलझाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत के लिए घरेलू कामगारों के लिए कौन सी शर्त सबसे ज़रूरी है?
घरेलू कामगारों के लिए विदेश में पहले काम करने का अनुभव होना अनिवार्य है। साथ ही, उन्हें सरकारी प्री-डिपार्चर ओरिएंटेशन सेमिनार पूरा करना होगा।
नए सुरक्षा नियमों से कामगारों को क्या फायदा होगा?
अब सैलरी इलेक्ट्रॉनिक मोड में मिलेगी जिससे पेमेंट में देरी नहीं होगी। साथ ही, वेलफेयर ऑफिसर्स उनकी समस्याओं को सुनने और सुलझाने के लिए मौजूद रहेंगे।
