कुवैत सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के नियमों को बहुत सख्त कर दिया है। सरकार ने तत्काल या आसानी से लाइसेंस मिलने वाली पुरानी व्यवस्था को खत्म करने का फैसला किया है। कुवैत के उप प्रधान मंत्री और आंतरिक मंत्री शेख फहद युसूफ सऊद अल-सबा ने फरवरी 2026 में घोषणा की है कि अब ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने के लिए कड़े मानकों का पालन करना होगा। सड़क हादसों को कम करने और ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए यह कदम उठाया गया है।

ड्राइविंग टेस्ट में पास होने के लिए क्या करना होगा?

नए नियमों के तहत अब आवेदकों को एक सख्त प्रैक्टिकल टेस्ट से गुजरना होगा। इस टेस्ट में कुल 100 पॉइंट निर्धारित किए गए हैं। लाइसेंस पाने के लिए आवेदक को कम से कम 75 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य कर दिया गया है। टेस्ट को 6 अलग-अलग चरणों में बांटा गया है और हर गलती पर नंबर काटे जाएंगे। सबसे ज्यादा जोर लाल बत्ती पर रुकने और संकरी जगहों पर गाड़ी चलाने पर दिया गया है।

  • लाल बत्ती पर रुकना: 30 पॉइंट
  • तंग जगहों पर गाड़ी मोड़ना: 30 पॉइंट
  • सीट बेल्ट लगाना: 10 पॉइंट
  • ध्यान बनाए रखना: 10 पॉइंट
  • फुटपाथ पार्किंग: 10 पॉइंट
  • मैनुअल ट्रांसमिशन/गाड़ी आगे बढ़ाना: 10 पॉइंट

प्रवासियों के लिए ट्रेनिंग और योग्यता के नए नियम

कुवैत में रहने वाले विदेशियों के लिए भी शर्तें कड़ी कर दी गई हैं। अब लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले प्रवासी के पास यूनिवर्सिटी की डिग्री होना जरूरी है और उनकी कम से कम सैलरी 600 KD होनी चाहिए। इसके अलावा, जो लोग पहले से कुवैत में रह रहे हैं उन्हें 20 घंटे की ट्रेनिंग लेनी होगी, जबकि बाहर से नए आने वाले लोगों को 40 घंटे की ट्रेनिंग पूरी करनी होगी। सरकार जल्द ही सबाहिया, खैतान, राजधानी और जहरा में चार नई ड्राइविंग अकादमियां खोलने जा रही है।

विवरण नियम/फीस
प्रवासी की न्यूनतम सैलरी 600 KD
निवास अवधि (Residency) कम से कम 2 साल
लाइसेंस वैलिडिटी (प्रवासी) 5 साल
टेस्ट फीस 10 KD
प्राइवेट लाइसेंस रिन्यूअल 2 KD प्रति वर्ष

सड़क सुरक्षा और ऐप आधारित सेवाएं

अधिकारियों ने जानकारी दी है कि आने वाले दो महीनों में कुवैत में Uber और Careem जैसी सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें नागरिक ड्राइवर के रूप में जुड़ सकेंगे। सरकार का लक्ष्य 2035 तक हादसों को आधा करना है। इससे पहले 2025 में नियमों का पालन न करने के कारण 66,000 से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि प्रशासन सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है।