कुवैत के उत्तरी इलाके में शुक्रवार को ड्रोन हमला हुआ। इराक की तरफ से आए दो विस्फोटक ड्रोन ने बॉर्डर पोस्ट को निशाना बनाया। इस हमले में सामान और संपत्ति का नुकसान हुआ, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी की जान नहीं गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
क्या हुआ था इस हमले में और किसने किया हमला?
कुवैत की सेना ने जानकारी दी कि दो विस्फोटक ड्रोन इराक के इलाके से लॉन्च किए गए थे। ये ड्रोन फाइबर-ऑप्टिक केबल के जरिए गाइड किए जा रहे थे। इन ड्रोन्स ने उत्तरी सीमा पर स्थित दो लैंड बॉर्डर पोस्ट को निशाना बनाया। सेना ने इस पूरी घटना को एक आपराधिक हमला बताया है। हालांकि अभी तक किसी ग्रुप ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन अक्सर ऐसे हमलों का संबंध इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया से जोड़ा जाता है।
इराक और अन्य देशों ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
इराक के गृह मंत्री अब्देल अमीर अल-शम्मारी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें दोनों देशों के आपसी भाईचारे वाले रिश्तों को नुकसान पहुंचाती हैं। इराक सरकार ने अब इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी बना दी है ताकि दोषियों को पकड़कर सजा दी जा सके। वहीं, सऊदी अरब, बहरीन और UAE ने भी कुवैत के साथ अपनी एकजुटता जताई है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने इराक सरकार से इन खतरों को रोकने की मांग की है।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग और GCC का क्या कहना है?
मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) ने इस हमले की बहुत कड़ी शब्दों में निंदा की है। GCC के महासचिव जासेम मोहम्मद अल्बुदईवी ने इसे एक विश्वासघाती हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और अच्छे पड़ोसी होने के नियमों का खुला उल्लंघन है। GCC ने साफ किया कि वे कुवैत की सुरक्षा और स्थिरता के लिए पूरी तरह उनके साथ खड़े हैं और कुवैत द्वारा उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करते हैं।