कुवैत में रविवार, 30 मार्च 2026 को हुए एक ड्रोन हमले में तमिलनाडु के रहने वाले 37 साल के भारतीय नागरिक संथानसेल्वम कृष्णन (Santhanaselvam Krishnan) की जान चली गई है। यह हमला कुवैत के एक पावर प्लांट और वाटर डिसेलिनेशन स्टेशन की सर्विस बिल्डिंग पर किया गया था। कुवैत की सरकार ने इस घटना पर दुख जताया है और मृतक के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है। भारतीय दूतावास इस पूरे मामले पर कुवैती अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि पीड़ित परिवार को पूरी मदद दी जा सके।

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इस हमले में कुवैत को कितना नुकसान हुआ है?

कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि पिछले 24 घंटों के दौरान उन्होंने देश की हवाई सीमा में 13 दुश्मन ड्रोनों का पता लगाया और उन्हें मार गिराया। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अल-अतवान (Colonel Saud Al-Atwan) ने बताया कि हमले की वजह से बिजली प्लांट की बिल्डिंग को भारी नुकसान पहुंचा है। बिजली और जल मंत्रालय की प्रवक्ता फातिमा जौहर हयात (Fatima Jawhar Hayat) के मुताबिक, हमला होने के तुरंत बाद टेक्निकल और इमरजेंसी टीमों ने काम शुरू कर दिया था ताकि बिजली और पानी की सप्लाई पर कोई असर न पड़े। सुरक्षा एजेंसियां अभी भी प्रभावित इलाकों की जांच में जुटी हुई हैं।

भारतीय दूतावास और अन्य देशों की क्या प्रतिक्रिया है?

कुवैत में भारतीय दूतावास ने इस दुखद मौत पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि वे स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बिठा रहे हैं और हर संभव कानूनी सहायता प्रदान करेंगे। कतर और सऊदी अरब जैसे देशों ने भी इस हमले को गलत बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। ईरान की सेना ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि यह उन्हें बदनाम करने की कोशिश है। पश्चिम एशिया में चल रहे हालिया तनाव के बीच कुवैत में किसी भारतीय नागरिक की मौत की यह पहली घटना दर्ज की गई है।

विवरण जानकारी
मृतक का नाम Santhanaselvam Krishnan (37 वर्ष)
मूल स्थान तमिलनाडु, भारत
घटना की तारीख 30 मार्च 2026
हमले का स्थान पावर और वाटर प्लांट, कुवैत
इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन 13 ड्रोन
आधिकारिक प्रतिक्रिया कुवैत रक्षा मंत्रालय और भारतीय दूतावास