कुवैत में 9 अप्रैल 2026 को हुए ड्रोन हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन हमलों में नेशनल गार्ड की साइट और कई जरूरी सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन काफी संपत्ति को नुकसान पहुँचा है। कुवैत सरकार ने इसे अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है।

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हमले के लिए किसे जिम्मेदार माना गया?

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर ईरान और उसके साथ जुड़े मिलिशिया समूहों को इन हमलों का जिम्मेदार ठहराया है। मंत्रालय ने इसे कुवैत की हवाई सीमा का गंभीर उल्लंघन कहा है। दूसरी तरफ, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। ईरान का दावा है कि अगर हमले हुए हैं, तो इसके पीछे अमेरिका या इजराइल का हाथ हो सकता है।

इराक और अमेरिका का क्या कनेक्शन है?

सोशल मीडिया पर कुछ रिपोर्ट्स और @SaudiNews50 के ट्वीट में दावा किया गया कि ये ड्रोन हमले इराक की तरफ से हुए थे। हालांकि, कुवैत की आधिकारिक बयानबाजी मुख्य रूप से ईरान पर रही है। इसी दौरान अमेरिका ने भी इराक के राजदूत को तलब किया था, क्योंकि बगदाद में एक अमेरिकी डिप्लोमैटिक सेंटर पर ड्रोन हमला हुआ था। अमेरिका का मानना है कि ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया ऐसी गतिविधियों में शामिल हैं।

कुवैत अब क्या कदम उठाएगा?

कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए अपनी आत्मरक्षा के अधिकार की बात कही है। सरकार ने कहा कि वह अपनी सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। गौरतलब है कि कुवैत ने इससे पहले मार्च 2026 में भी इराक को उसकी जमीन से होने वाले हमलों को लेकर चिंता जताई थी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com