31 जुलाई 2026 को कुवैत की सुरक्षा व्यवस्था उस समय अलर्ट पर आ गई जब देश के हवाई क्षेत्र में दुश्मन के ड्रोन देखे गए। कुवैती सशस्त्र बलों ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि शुक्रवार की सुबह से ही उन्होंने अपने आसमान में मौजूद इन ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया है। इस घटना के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि ड्रोन के मलबे गिरने से कुछ स्थानों पर सामग्री का नुकसान जरूर हुआ है।
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ईरान ने हमले की ली जिम्मेदारी
कुवैती सेना ने इस कार्रवाई को ईरान की आक्रामक नीति का हिस्सा बताया है। वहीं, दूसरी ओर ईरान की सेना ने Ahmed Al Jaber Air Base और Ali Al Salem Air Base जैसे रणनीतिक ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है। ईरान ने इसे अपने सैन्य अभियान Operation Saeqa (Thunderbolt) का 27वां चरण बताया है, जो हाल ही में अमेरिकी हमलों के जवाब में किया गया है।
अमेरिका का जवाब और सुरक्षा स्थिति
अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM ने ईरानी दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनके किसी भी विमान या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि सभी मिसाइलें और ड्रोन या तो बीच में ही नाकाम कर दिए गए या अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाए। वर्तमान में क्षेत्र में 20 से अधिक अमेरिकी युद्धपोत और हजारों सैनिक तैनात हैं, जो सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। कुवैती सेना ने भी भरोसा दिलाया है कि वे देश की संप्रभुता और निवासियों की सुरक्षा के लिए लगातार चौकन्ने हैं।
