कुवैत की उत्तरी सीमा पर शुक्रवार सुबह दो विस्फोटक ड्रोनों ने हमला किया है। इस हमले से सीमा चौकियों को काफी नुकसान पहुंचा है, हालांकि राहत की बात यह है कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। इस घटना के बाद कतर, सऊदी अरब और यूएई समेत कई देशों ने कड़ी नाराजगी जताई है और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है।
ड्रोन हमला कब हुआ और कैसे किया गया
यह हमला शुक्रवार, 24 अप्रैल, 2026 की सुबह हुआ। रिसर्च के मुताबिक, दो विस्फोटक ड्रोनों ने कुवैत की उत्तरी ज़मीनी सीमा के दो केंद्रों को निशाना बनाया। इन ड्रोनों को चलाने के लिए फाइबर-ऑप्टिक तार का इस्तेमाल किया गया था। Kuwait के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना की पुष्टि करते हुए इसे एक पापपूर्ण और आक्रामक हमला बताया। हमले के तुरंत बाद सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई और हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।
कतर और अन्य खाड़ी देशों की क्या प्रतिक्रिया रही
इस हमले के बाद कई देशों ने कुवैत के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई है:
- Qatar के विदेश मंत्रालय ने इसे कुवैत की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया और कहा कि इराक को ऐसी घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
- UAE ने 24 अप्रैल को इसे एक आतंकवादी हमला करार दिया।
- Bahrain और Saudi Arabia ने 25 अप्रैल को इस हमले की सख्त निंदा की और इराक से इन खतरों का जवाब मांगने को कहा।
- GCC के महासचिव जसीम मोहम्मद अलबुदईवी ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का घोर उल्लंघन और विश्वासघाती हमला बताया।
इराक सरकार ने अब क्या कदम उठाए हैं
ड्रोन इराक की तरफ से आने के बाद वहां की सरकार पर दबाव बढ़ा है। इराक के आंतरिक मंत्री अब्दुल अमीर अल-शम्मारी ने इस हमले की निंदा की। इराक के प्रधान मंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने मामले की गहराई से जांच करने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए एक विशेष समिति बनाने का आदेश दिया है। आशंका है कि इस हमले के पीछे ईरान समर्थित सशस्त्र समूह हो सकते हैं।
वहीं, क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच एक अपडेट यह भी है कि कुवैत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के हवाई क्षेत्र को 23 अप्रैल, 2026 को फिर से खोल दिया गया है। हवाई अड्डे के टर्मिनल चार और पांच को रविवार से कुछ खास जगहों के लिए फिर से शुरू किया जाएगा।