Kuwait Drone Attack: ईरान के हमलों से बिजली-पानी प्लांट तबाह, इंजीनियरों की मेहनत से बची कुवैत की लाइफलाइन

कुवैत में पिछले कुछ दिनों से ईरान की तरफ से हुए ड्रोन हमलों ने काफी हलचल मचा दी है। इन हमलों में बिजली और पानी के कई प्लांट को निशाना बनाया गया, जिससे काफी नुकसान हुआ। लेकिन Ministry of Electricity, Water and Renewable Energy (MEW) के इंजीनियरों और तकनीशियनों ने अपनी जान जोखिम में डालकर यह सुनिश्चित किया कि आम लोगों को बिजली और पानी की सप्लाई में कोई दिक्कत न आए।

ईरान के हमलों में कब और क्या नुकसान हुआ?

ईरान ने मार्च और अप्रैल के महीने में कुवैत के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले किए। इसमें सबसे दुखद घटना 31 मार्च को हुई जब एक पावर और वाटर प्लांट पर हमले में एक भारतीय मजदूर की मौत हो गई। इसके अलावा कई पावर स्टेशन, पानी साफ करने वाले प्लांट और बंदरगाहों को निशाना बनाया गया। हमलों की पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:

तारीख क्या हुआ
30 मार्च 2026 पावर और वाटर प्लांट की सर्विस बिल्डिंग को नुकसान पहुँचा
31 मार्च 2026 एक भारतीय मजदूर की मौत, मुबारक अल-कबीर और शुवैख पोर्ट पर हमले
3 अप्रैल 2026 पावर और वाटर प्लांट में भौतिक नुकसान हुआ
4 अप्रैल 2026 दो पावर स्टेशन और वाटर प्लांट निशाने पर आए
5 अप्रैल 2026 ड्रोन हमले से मिनिस्ट्री कॉम्प्लेक्स और दो प्लांट को भारी नुकसान, दो यूनिट बंद हुए
6 अप्रैल 2026 दो बिजली और पानी प्लांट क्षतिग्रस्त, बिजली कटौती हुई
8 अप्रैल 2026 28 ड्रोन का हमला, एयर डिफेंस ने कई को रोका लेकिन तीन प्लांट को नुकसान हुआ
18 अप्रैल 2026 ड्रोन के मलबे की वजह से 6 मुख्य पावर लाइनें बंद हुईं

MEW और सरकार ने संकट को कैसे संभाला?

MEW की प्रवक्ता Fatima Jawhar Hayat ने बताया कि हमलों के तुरंत बाद इमरजेंसी टीमों को तैनात किया गया था। उन्होंने साफ किया कि हालांकि प्लांट को नुकसान पहुँचा और कुछ यूनिट बंद हुए, लेकिन पहले से तैयारी और वैकल्पिक प्लान की वजह से आम जनता को बिजली और पानी की कमी महसूस नहीं होने दी गई। उन्होंने इन हमलों को देश के बुनियादी ढांचे पर एक आपराधिक हमला बताया।

सुरक्षा और प्रवासियों पर क्या असर पड़ा?

कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Saud Al-Atwan ने कहा कि यह हमला देश की ऊर्जा और पानी की सप्लाई को ठप करने की एक सोची-समझी कोशिश थी। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा इंतजाम और कड़े किए जा रहे हैं। कुवैत में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह समय चिंताजनक रहा, खासकर उस हादसे के बाद जिसमें एक भारतीय श्रमिक ने अपनी जान गंवाई। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद बड़े हमले रुके हुए हैं।