कुवैत में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। यहाँ नेशनल गार्ड की एक साइट और कुछ जरूरी ठिकानों पर दुश्मन के ड्रोनों ने हमला किया है। इस हमले में ड्यूटी पर तैनात कई जवान घायल हो गए और काफी सामान का नुकसान हुआ है। सरकार ने इस घटना के लिए ईरान और उसके साथियों को जिम्मेदार ठहराया है।

ड्रोन हमले में क्या नुकसान हुआ और कब हुई घटना

यह हमला 9 और 10 अप्रैल 2026 की दरमियानी रात को हुआ। हमलावरों ने ड्रोन के जरिए नेशनल गार्ड की साइट को निशाना बनाया जिससे वहां काफी मटेरियल डैमेज हुआ। शुरुआत में बताया गया था कि कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन बाद में पुष्टि हुई कि कई जवान जख्मी हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बाद खाड़ी क्षेत्र में यह पहला ऐसा हमला है।

कुवैत सरकार और सेना ने क्या कदम उठाए

घटना के बाद तुरंत सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए। आर्मी के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल खालिद अल-श्रियन ने अस्पताल जाकर घायल जवानों का हाल जाना। नेशनल गार्ड के चीफ शेख मुबारक हमूद अल-जाब अल-सबाह ने भी प्रभावित साइट का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइट को जल्द से जल्द ठीक किया जाए ताकि वह फिर से काम कर सके।

हमले के पीछे कौन है और क्या है आधिकारिक बयान

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने सीधे तौर पर ईरान और उसके प्रॉक्सी समूहों को इस हमले का जिम्मेदार बताया है। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि सीजफायर के बाद उनकी तरफ से कोई हमला नहीं किया गया। कुवैत ने साफ कहा है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।