कुवैत में रविवार की सुबह तनावपूर्ण रही जब ड्रोन हमलों ने देश के बिजली और पानी के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। कुवैती अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दो पावर और वाटर प्लांट पर हुए इस हमले से काफी नुकसान हुआ है और दो यूनिट्स को बंद करना पड़ा है। गनीमत रही कि इसमें किसी की जान नहीं गई लेकिन पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।
किन जगहों को निशाना बनाया गया और क्या हुआ नुकसान?
कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि हमलों ने प्लांट को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है। इसके अलावा एक ईरानी ड्रोन ने सरकारी मंत्रालय परिसर को भी हिट किया जिससे वहां की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है। कुवैत न्यूज़ एजेंसी KUNA के अनुसार एयर डिफेंस सिस्टम ने कई खतरों को हवा में ही खत्म कर दिया था।
- Shuwaikh तेल क्षेत्र परिसर में हमले के बाद आग लगने की खबर मिली है।
- KPC मुख्यालय और तेल मंत्रालय की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है।
- दो मुख्य बिजली यूनिट्स को सुरक्षा कारणों से फिलहाल बंद कर दिया गया है।
- कुवैत की सेना ने रविवार को हवा में कई दुश्मन मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है।
प्रवासियों और कर्मचारियों के लिए जारी हुई नई गाइडलाइंस
कुवैत सरकार ने सुरक्षा को देखते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। वित्त मंत्रालय ने घोषणा की है कि स्टाफ 5 अप्रैल को रिमोट तरीके से यानी घर से काम करेगा और ऑफिस में विजिटर्स का आना बंद रहेगा। कुवैत में रहने वाले प्रवासी भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें।
| प्रभावित क्षेत्र | नुकसान का प्रकार | ||||
|---|---|---|---|---|---|
| Power and Water Plants | दो यूनिट बंद, भारी भौतिक क्षति | Shuwaikh Oil Sector | ड्रोन हमले के बाद आग लगी | Ministry Office Complex | इमारत को गंभीर नुकसान |
फिलहाल बिजली और पानी की सप्लाई को सामान्य रखने के लिए इमरजेंसी सेवाएं काम कर रही हैं ताकि आम जनता को रोजमर्रा की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। कुवैती सरकारी मीडिया ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है क्योंकि हमले से कुछ घंटे पहले ही वहां की एजेंसियों ने संभावित ठिकानों की सूची जारी की थी।
