Kuwait पर ड्रोन अटैक, सऊदी अरब ने ईरान और उसके गुर्गों को ठहराया जिम्मेदार, बताया घिनौना हमला
कुवैत के अहम ठिकानों पर हुए ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब ने कड़ा रुख अपनाया है। सऊदी ने इस हमले को बहुत घिनौना बताया और इसके लिए ईरान और उसके साथ जुड़े समूहों को जिम्मेदार ठहराया। सऊदी अरब ने साफ कहा कि यह हमला कुवैत की आजादी और अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है।
कुवैत में क्या हुआ और किसने किया हमला?
कुवैत में 10 अप्रैल 2026 की रात को ड्रोन हमले हुए, जिनमें वहां के जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। ईरान से जुड़े एक इराकी शिया मिलिशिया ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह हमला उस समय हुआ जब इलाके में दो हफ्ते से युद्धविराम चल रहा था। इससे पहले 30 मार्च 2026 को भी इसी तरह के हमले हुए थे जिनमें एक मिलिट्री कैंप और पानी के प्लांट को निशाना बनाया गया था।
सऊदी अरब ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सऊदी अरब ने 11 अप्रैल को इस घटना की कड़ी निंदा की। सऊदी के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। सऊदी ने कुवैत के साथ अपनी पूरी एकजुटता जताई और कहा कि वह कुवैत की सुरक्षा और स्थिरता के लिए लिए गए हर फैसले का समर्थन करता है। सऊदी ने मांग की कि ईरान और उसके साथी देश अब इन दुश्मनी वाली हरकतों को बंद करें।
हमले से जुड़ी मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| हमले की तारीख | 10 अप्रैल 2026 (गुरुवार रात) |
| निंदा की तारीख | 11 अप्रैल 2026 (शनिवार) |
| निशाना | कुवैत के जरूरी बुनियादी ढांचे |
| जिम्मेदार | ईरान और उसके सहयोगी (इराकी शिया मिलिशिया) |
| UN नियम | सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2817 (2026) |
| सऊदी का स्टैंड | कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन |