Kuwait में ईरान के ड्रोन अटैक से मची हलचल, सऊदी अरब ने की कड़ी निंदा, तेल पाइपलाइन पर भी हुआ हमला
कुवैत के अहम ठिकानों पर ड्रोन से हमले हुए हैं, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है। सऊदी अरब ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसके लिए ईरान और उसके साथियों को जिम्मेदार ठहराया है। इन हमलों से वहां के जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है जिससे आम लोगों और सुरक्षा व्यवस्था में चिंता बढ़ गई है।
हमला कब हुआ और किसने किया
ड्रोन से यह हमला 9 अप्रैल 2026 की रात को कुवैत के जरूरी ठिकानों पर हुआ। ईरान से जुड़े एक इराकी मिलिशिया ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इन आरोपों को गलत बताया है और कहा कि उन्होंने किसी भी खाड़ी देश पर हमला नहीं किया। सुरक्षा जानकारों का कहना है कि इराकी ग्रुप अब उन देशों को निशाना बना रहे हैं जो अमेरिका के करीब माने जाते हैं।
सऊदी अरब और कुवैत का क्या कहना है
सऊदी अरब ने 11 अप्रैल को इस हमले को घिनौना बताया। सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के नियमों का खुला उल्लंघन है। सऊदी ने ईरान और उसके साथियों से सभी दुश्मनी वाली गतिविधियां बंद करने को कहा है। वहीं, कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे अपनी संप्रभुता और हवाई क्षेत्र का उल्लंघन माना है और कहा कि वह अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
ताजा हालात और तेल पाइपलाइन पर असर
16 अप्रैल को एक बार फिर ड्रोन हमलों की खबरें आईं, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए। इस दौरान सऊदी अरब की East-West oil pipeline के पास धुएं के गुबार देखे गए। 12 अप्रैल को भी ऐसी खबरें आई थीं कि कुवैत के तेल और बिजली केंद्रों को नुकसान पहुंचा है। इन घटनाओं से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक कामकाज पर असर पड़ने की संभावना है।
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 9 अप्रैल 2026 | कुवैत के जरूरी ठिकानों पर ड्रोन हमला हुआ |
| 11 अप्रैल 2026 | सऊदी अरब ने हमले की कड़ी निंदा की |
| 12 अप्रैल 2026 | कुवैत के तेल और बिजली केंद्रों को नुकसान पहुंचा |
| 16 अप्रैल 2026 | सऊदी की East-West oil pipeline पर असर की खबर आई |
| इराकी मिलिशिया | हमले की जिम्मेदारी ली |
| ईरान IRGC | हमले में शामिल होने से इनकार किया |