कुवैत में गुरुवार रात को अहम ठिकानों पर ड्रोन हमले हुए, जिससे वहां काफी नुकसान हुआ है। इस घटना के बाद सऊदी अरब ने अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सऊदी ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान और उसके समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है।
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कुवैत में कहां-कहां हुए हमले और कितना नुकसान हुआ?
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ड्रोन हमलों को नाकाम किया, लेकिन कुछ ड्रोन अंदर घुसने में कामयाब रहे। इन हमलों में बिजली घरों, पानी साफ करने वाले प्लांट और तेल के ठिकानों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों की वजह से नेशनल गार्ड के कुछ जवान घायल हुए हैं और सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।
सऊदी अरब ने ईरान और उसके गुटों के खिलाफ क्या कहा?
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को घिनौना और अपराधिक बताया है। सऊदी सरकार का कहना है कि यह कुवैत की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। सऊदी ने ईरान और उसके प्रॉक्सी समूहों से मांग की है कि वे अरब और इस्लामिक देशों के खिलाफ अपनी दुश्मन हरकतें बंद करें और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का पालन करें।
क्षेत्र की सुरक्षा पर सऊदी का क्या स्टैंड है?
सऊदी अरब ने साफ कर दिया है कि वह कुवैत के साथ मजबूती से खड़ा है। सऊदी ने कहा कि इस तरह की हरकतें पूरे इलाके की शांति और स्थिरता को खराब करती हैं। सऊदी अरब ने कुवैत की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए गए सभी कदमों का पूरा समर्थन किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत में ड्रोन हमला कब हुआ और इसका क्या असर था?
यह हमला गुरुवार रात, 9 अप्रैल 2026 को हुआ। इसमें बिजली, तेल और पानी के प्लांट को निशाना बनाया गया, जिससे नेशनल गार्ड के जवान घायल हुए और काफी आर्थिक नुकसान हुआ।
सऊदी अरब ने इस हमले के लिए किसे जिम्मेदार माना है?
सऊदी अरब ने इस हमले के लिए ईरान, उसके प्रॉक्सी और उससे जुड़े समूहों को जिम्मेदार ठहराया है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।