कुवैत के अहम ठिकानों पर हुए ड्रोन हमलों के बाद अब सऊदी अरब ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। सऊदी अरब ने इस हमले को बहुत बुरा बताया और इसके लिए सीधे तौर पर ईरान और उसके करीबियों को जिम्मेदार ठहराया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है और कुवैत के सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा शुरू हो गई है।
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कुवैत में क्या हुआ और हमला किसने किया?
गुरुवार रात को कुवैत के कई अहम सरकारी और बुनियादी ढांचों पर ड्रोन से हमला किया गया। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ड्रोन को बीच रास्ते में ही रोक दिया, लेकिन कुछ ड्रोन अंदर घुसने में कामयाब रहे। इस हमले में National Guard के कुछ जवान घायल हुए और काफी संपत्ति का नुकसान हुआ। खबरों के मुताबिक, ईरान से जुड़े एक इराकी शिया मिलिशिया ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
सऊदी अरब और कतर ने इस पर क्या कहा?
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का बड़ा उल्लंघन बताया। सऊदी ने मांग की है कि ईरान और उसके साथी समूहों को Arab और Islamic देशों के खिलाफ अपनी दुश्मनी बंद करनी चाहिए। वहीं, कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने कहा कि वे खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर कोई भेदभाव नहीं करते और सभी देशों की सुरक्षा उनके लिए जरूरी है।
UN नियमों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला
सऊदी अरब ने इस मामले में UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (वर्ष 2026) को लागू करने पर जोर दिया है। सऊदी अरब का कहना है कि किसी भी देश की संप्रभुता और हवाई सीमा का उल्लंघन करना गलत है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने भी इसे अपनी सीमाओं और संप्रभुता का उल्लंघन माना है और इस घटना की कड़ी निंदा की है।