कुवैत के अहम सरकारी ठिकानों पर गुरुवार रात को ड्रोन हमले हुए। इस घटना के बाद सऊदी अरब ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे बेहद निंदनीय बताया है। सऊदी सरकार ने इन हमलों के लिए ईरान और उसके साथ जुड़े समूहों को जिम्मेदार ठहराया है और इसे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा बताया है।
कुवैत में क्या हुआ और सऊदी अरब ने क्या कहा?
कुवैत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, गुरुवार रात 9 अप्रैल 2026 को देश के अहम बुनियादी ढांचों पर ड्रोन हमले किए गए। सऊदी अरब ने शनिवार 11 अप्रैल 2026 को इन हमलों की कड़ी निंदा की। सऊदी विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया। सऊदी ने मांग की है कि ईरान और उसके सहयोगी समूह अब अरब और इस्लामिक देशों के खिलाफ अपनी दुश्मनी बंद करें और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 2817 का पालन करें।
हमले से कितना नुकसान हुआ और कौन जिम्मेदार है?
कुवैत के नेशनल गार्ड ने पुष्टि की है कि एक अहम साइट पर सीधा ड्रोन हमला हुआ, जिससे काफी भौतिक नुकसान हुआ है। इस हमले को कुवैत ने अपनी हवाई सीमा और संप्रभुता का उल्लंघन माना है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया इन हमलों के पीछे हो सकते हैं। इस तनाव के बीच अमेरिका की CENTCOM ने 13 अप्रैल 2026 को ईरानी बंदरगाहों और जहाजों की नाकेबंदी कर दी है।
