कुवैत में सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है क्योंकि पिछले 24 घंटों में देश की हवाई सीमा में कई विदेशी ड्रोन और मिसाइलों ने घुसपैठ की कोशिश की है. कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम और नेशनल गार्ड ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन हमलों को नाकाम कर दिया है. हालांकि क्षेत्र में दो हफ्ते के युद्धविराम की बात चल रही थी, लेकिन इसके बावजूद कुवैत, यूएई और बहरीन में खतरे के सायरन सुनाई दिए हैं. सरकार ने नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं.

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कुवैत में हुए हमलों और डिफेंस की कार्रवाई का पूरा विवरण

कुवैत के रक्षा मंत्रालय और नेशनल गार्ड ने पिछले 24 घंटों की कार्रवाई की जानकारी साझा की है. हमलों की तीव्रता को देखते हुए सुरक्षा बल पूरी तरह तैनात हैं. इन घटनाओं का विवरण नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:

विभाग कार्रवाई और विवरण
रक्षा मंत्रालय हवाई सीमा में घुसे 17 दुश्मन ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया.
नेशनल गार्ड एक बड़ा ड्रोन और तीन मानव रहित विमान (UAV) मार गिराए गए.
आंतरिक मंत्रालय मिसाइल और ड्रोन के मलबे गिरने की 59 शिकायतों पर कार्रवाई की गई.
एयर डिफेंस कुवैत की तरफ आने वाली मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया.

आम जनता और प्रवासियों के लिए जरूरी सुरक्षा निर्देश

कुवैत सरकार और आंतरिक मंत्रालय ने स्थिति को देखते हुए नई गाइडलाइंस जारी की हैं जिनका पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं को ही सही मानें:

  • सुरक्षा कारणों से सभी लोग रात 12:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक अपने घरों के अंदर ही रहें.
  • किसी भी संदिग्ध वस्तु या आसमान से गिरे मलबे को हाथ न लगाएं और तुरंत प्रशासन को सूचित करें.
  • बिना लाइसेंस वाले हथियारों को जमा करने की समय सीमा 8 अप्रैल को समाप्त हो रही है, इसलिए कानून का पालन करें.
  • मंत्रालय की सलाह है कि इस समय यात्रा और बाहरी गतिविधियों को सीमित रखें.

क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम

कुवैत के अलावा खाड़ी के अन्य देशों में भी तनाव देखा जा रहा है. यूनाइटेड किंगडम ने ईरान पर वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया है, जबकि बहरीन और यूएई में भी अलर्ट जारी किया गया है. कुवैत के कैबिनेट ने अपने सशस्त्र बलों की दक्षता पर भरोसा जताया है और कहा है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं. वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दो हफ्ते की मोहलत बढ़ाने का अनुरोध किया है ताकि क्षेत्र में शांति की कोशिशें जारी रह सकें.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.