कुवैत में पिछले 40 दिनों से ड्रोन और मिसाइलों के हमले हो रहे हैं. एक ह्यूमन राइट्स ग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक कुल 34 बार हमले हुए हैं. कुवैत सरकार ने इन हमलों के लिए ईरान और उसके समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है. इस तनाव की वजह से वहां रहने वाले प्रवासियों और आम लोगों में काफी चिंता है.

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ह्यूमन राइट्स ग्रुप की रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ?

कुवैत एसोसिएशन फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि 28 फरवरी से 8 अप्रैल 2026 के बीच देश पर 34 हमले हुए. इन हमलों में बिजली, पानी और एयरपोर्ट जैसे जरूरी ठिकानों को निशाना बनाया गया. रिपोर्ट में कहा गया कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इसे ‘अपराध’ माना जा सकता है. इस पूरे घटनाक्रम में 74 से ज्यादा नागरिक घायल हुए और दो मेडिकल स्टाफ की जान गई.

निशाना बनाया गया सेक्टर हमलों का प्रतिशत
बिजली और पानी सेक्टर 29%
सिविल एविएशन 24%
तेल क्षेत्र (Oil Sector) 21%
आवासीय और सर्विस बिल्डिंग 17%

ताजा हमले और सरकार का क्या कहना है?

9 अप्रैल की रात को फिर से ड्रोन हमले हुए, जिसमें नेशनल गार्ड की एक साइट को काफी नुकसान पहुंचा. कुवैत के विदेश मंत्रालय ने 10 अप्रैल को साफ कहा कि ईरान और उसके प्रॉक्सी इस हमले के पीछे हैं. वहीं ईरान की IRGC ने इन आरोपों को गलत बताया और कहा कि यह अमेरिका या इजराइल की साजिश हो सकती है. कुवैत की सेना ने बताया कि उन्होंने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया.

आगे क्या होगा और अमेरिका का क्या स्टैंड है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर पर शक जताया है और कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के पास तैनात रहेगी जब तक कोई पक्का समझौता नहीं हो जाता. इस पूरे विवाद को सुलझाने के लिए 12 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत होनी है. कुवैत की सेना ने लोगों से अपील की है कि वे संवेदनशील ठिकानों की फोटो न खींचें और न ही बिना जांचे कोई खबर शेयर करें.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.