Kuwait सरकार का बड़ा फैसला, क्षेत्रीय तनाव के बीच बैंकिंग और ज़रूरी सामानों के लिए जारी किए नए नियम

कुवैत सरकार ने क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए अपनी अर्थव्यवस्था और बैंकिंग सेक्टर को सुरक्षित रखने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। सरकार का मुख्य मकसद यह है कि देश में ज़रूरी सामानों की सप्लाई में कोई रुकावट न आए और बाज़ार में चीज़ें आसानी से मिलती रहें। यह पूरा फैसला हाल ही में ईरान के साथ बढ़े तनाव और उसके आर्थिक असर को कम करने के लिए लिया गया है।

कुवैत में प्रवासियों के बैंक खातों और बिजनेस लोन पर नया अपडेट

Central Bank of Kuwait (CBK) ने एक नया आदेश जारी किया है जिसके तहत उन प्रवासियों के बैंक खातों की कड़ी निगरानी की जाएगी जिनके वर्क परमिट खत्म हो चुके हैं। यह काम Public Authority for Civil Information (PACI) के साथ मिलकर किया जा रहा है ताकि पैसों की धोखाधड़ी और गलत इस्तेमाल को रोका जा सके।

इसके साथ ही, उन व्यापारियों और कंपनियों को राहत दी गई है जिनका काम क्षेत्रीय तनाव की वजह से ठप हुआ है। सरकार ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे ग्राहकों के प्रति लचीला रुख अपनाएं और ज़रूरत पड़ने पर लोन की किस्तों को आगे बढ़ाने जैसी मदद दें।

तेल निर्यात और देश की आर्थिक स्थिति की सच्चाई

Kuwait Petroleum Corp (KPC) ने Strait of Hormuz में तनाव और समुद्री रास्तों में रुकावट के कारण तेल और रिफाइंड उत्पादों के निर्यात पर ‘फोर्स मेजर’ (Force Majeure) लागू कर दिया है। इस वजह से तेल का उत्पादन बहुत कम हो गया है और यह स्तर 1990 के दशक के शुरुआती समय जैसा हो गया है।

वित्त मंत्री डॉ. याकूब अल रिफ़ाई ने देश की जनता और प्रवासियों को भरोसा दिलाया है कि कुवैत का बैंकिंग सेक्टर पूरी तरह स्थिर है। उन्होंने साफ़ किया कि बैंकों में पर्याप्त पैसा मौजूद है और नागरिकों व प्रवासियों की सभी जमा राशि सुरक्षित है। साथ ही सरकारी कर्मचारियों की सैलरी मिलने में कोई देरी नहीं होगी।

तारीख मुख्य फैसला या घटना
21 अप्रैल 2026 आर्थिक और वित्तीय सुरक्षा पैकेज की घोषणा
21 अप्रैल 2026 KPC ने तेल निर्यात पर ‘फोर्स मेजर’ लगाया
20 अप्रैल 2026 एक्सपैट खातों की निगरानी के नए नियम लागू
16 अप्रैल 2026 बैंकों ने 100 प्रतिशत क्षमता से कामकाज शुरू किया
9 अप्रैल 2026 बिजनेस लोन की किस्तों में राहत का निर्देश
1 अप्रैल 2026 एक्सचेंज कंपनियों के लिए सख्त रिपोर्टिंग नियम
26 मार्च 2026 लिक्विडिटी और कैपिटल नियमों में बदलाव