Bloomberg ने एक नया सर्वे जारी किया है जिसमें कुवैत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा अनुमान लगाया गया है। सर्वे के मुताबिक साल 2026 तक कुवैत की इकोनॉमी में 7.9 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। यह खबर उन प्रवासियों और व्यापारियों के लिए जरूरी है जो वहां काम कर रहे हैं या निवेश कर रहे हैं।

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क्यों गिर सकती है अर्थव्यवस्था

विशेषज्ञों ने बताया कि इस भारी गिरावट की मुख्य वजह क्षेत्रीय ऊर्जा बाजारों में होने वाले बदलाव हैं। इसके साथ ही शिपिंग रूट और व्यापारिक गतिविधियों में उतार-चढ़ाव ने भी इस स्थिति को गंभीर बनाया है। इन कारणों की वजह से कुवैत की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है।

सऊदी अरब की स्थिति अलग

जहां एक तरफ कुवैत की स्थिति चिंताजनक है, वहीं सऊदी अरब को सबसे मजबूत माना गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सऊदी में घरेलू मांग बहुत ज्यादा है। साथ ही सरकार द्वारा बड़े विकास प्रोजेक्ट्स पर लगातार खर्च किया जा रहा है, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था सुरक्षित दिख रही है।

अन्य देशों का हाल

इस सर्वे में सिर्फ कुवैत ही नहीं, बल्कि कतर और UAE की आर्थिक स्थिति में भी नीचे की तरफ बदलाव देखे गए हैं। इन देशों के आर्थिक आंकड़ों में भी कटौती की गई है।