कुवैत और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। 3 जून 2026 को कुवैत पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद कुवैत सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। कुवैत के विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah और मिस्र के विदेश मंत्री ने इस मुद्दे पर फोन पर बातचीत की है। मिस्र ने कुवैत की सुरक्षा का पूरा समर्थन किया है और इस हमले की कड़ी निंदा की है। कुवैत ने अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।

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कुवैत सरकार ने उठाए कड़े कदम, ईरानी राजनयिकों को निकाला

कुवैत ने ईरान के इस हमले को आपराधिक हमला बताया है। कुवैत सरकार ने ईरान के चार्ज डी’अफेयर्स (chargé d’affaires) को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। इसके साथ ही, कुवैत ने ईरान के दो राजनयिकों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ यानी अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया है और उन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि उसे अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार है।

हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत, एयरपोर्ट पर रुकी थीं उड़ानें

3 जून को हुए इस हमले में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित कई नागरिक और संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इस हमले में दुर्भाग्य से एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और 63 लोग घायल हो गए। हमले के बाद कुवैत एयरपोर्ट पर उड़ानों को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और विशेष रूप से भारतीय समुदाय के लोगों के लिए यह बड़ी चिंता की बात है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय वहां रहते हैं और यात्रा करते हैं। बहरीन ने भी अपने ऊपर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने की बात कही है।

अमेरिका और मिस्र ने कुवैत को दिया पूरा समर्थन

मिस्र के विदेश मंत्री ने इस हमले को कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और कहा है कि खाड़ी देशों की सुरक्षा अरब देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी कुवैत के विदेश मंत्री से मुलाकात की और हमले की निंदा करते हुए सुरक्षा का भरोसा दिया। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कुवैत और बहरीन पर ही अमेरिका की मदद करने का आरोप लगाया है और इसे अमेरिका के खिलाफ अपनी कार्रवाई बताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत पर ईरान का हमला कब हुआ था और इसमें क्या नुकसान हुआ?

कुवैत पर यह हमला 3 जून 2026 को हुआ था, जिसमें कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और 63 लोग घायल हुए, जिसके बाद उड़ानों को भी रोकना पड़ा था।

हमले के बाद कुवैत ने ईरान के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?

कुवैत ने ईरान के दो राजनयिकों को अवांछित घोषित कर 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है और ईरान के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

इस मामले पर मिस्र और अमेरिका का क्या रुख है?

मिस्र और अमेरिका दोनों ने हमले की कड़ी निंदा की है। मिस्र ने इसे खाड़ी देशों की सुरक्षा पर खतरा बताया है, जबकि अमेरिका ने कुवैत की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com