Kuwait और Egypt के बीच हुई बड़ी बैठक, सुरक्षा और व्यापार पर हुई चर्चा, राष्ट्रपति सिसी ने दिया पूरा साथ
कुवैत के विदेश मंत्री शेख जराह जाबर अल-अहमद अल-सबाह ने मिस्र की राजधानी काहिरा का दौरा किया। वहां उन्होंने राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी और विदेश मंत्री बद्र अब्देल-आती से मुलाकात की। दोनों देशों ने अपनी पुरानी दोस्ती को और मजबूत करने और आपसी सहयोग को बढ़ाने पर बात की।
कुवैत की सुरक्षा पर मिस्र का क्या रुख है?
राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने साफ तौर पर कहा कि मिस्र कुवैत की सुरक्षा और स्थिरता के साथ खड़ा है। उन्होंने जोर दिया कि कुवैत और अन्य अरब देशों की सुरक्षा मिस्र की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा का ही हिस्सा है। राष्ट्रपति ने किसी भी अरब देश की संप्रभुता पर हमले का कड़ा विरोध किया।
किन क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे दोनों देश?
दोनों देशों ने निवेश और व्यापार को बढ़ाने पर चर्चा की। इसमें खास तौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, इंडस्ट्री और एनर्जी जैसे क्षेत्रों में नए मौके तलाशने पर बात हुई। इसके साथ ही अफ्रीका में भी आपसी सहयोग बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
आगे के लिए क्या फैसला लिया गया?
कुवैत और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने तय किया कि वे साल 2026 के खत्म होने से पहले अपनी संयुक्त समिति की 14वीं बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को और ज्यादा विस्तार देना है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मुलाकात की तारीख | 19 अप्रैल 2026 |
| मुख्य नेता | राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, शेख जराह जाबर, बद्र अब्देल-आती |
| मुख्य मुद्दा | राष्ट्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग |
| सहयोग के क्षेत्र | रियल एस्टेट, एनर्जी, इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर |
| आगामी लक्ष्य | 2026 के अंत तक संयुक्त समिति की 14वीं बैठक |
| क्षेत्रीय फोकस | अरब देशों की सुरक्षा और अफ्रीका में सहयोग |