कुवैत की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में तीन मिस्र (Egypt) के नागरिकों को सात साल की जेल की सजा सुनाई है। इन लोगों को कड़ी मेहनत (Hard Labor) वाला काम करना होगा। यह मामला पेशेंट असिस्टेंस फंड के पैसों की हेराफेरी से जुड़ा बताया जा रहा है।
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अदालत ने सजा के साथ-साथ इन तीनों पर कुल 34 लाख 63 हजार कुवैती दीनार का जुर्माना भी लगाया है, जो करीब 11.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर है। जेल की सजा पूरी होने के बाद इन तीनों व्यक्तियों को कुवैत से डिपोर्ट कर दिया जाएगा, यानी इन्हें वापस अपने देश भेज दिया जाएगा।
कुवैत सरकार इन दिनों वित्तीय अपराधों और सरकारी पैसों की चोरी रोकने के लिए बहुत सख्त कदम उठा रही है। इसी तरह के कई अन्य मामले भी सामने आए हैं जहाँ भारी जुर्माना और लंबी जेल की सजा सुनाई गई है।
वित्तीय अपराधों पर कुवैत की सख्त कार्रवाई
कुवैत की अदालतों ने हाल के दिनों में पैसों की हेराफेरी करने वालों के खिलाफ कई कड़े फैसले दिए हैं। 3 जून 2026 को एक अन्य मामले में एक सीरियाई और दो मिस्र के नागरिकों को ऑनलाइन जुआ और मनी लॉन्ड्रिंग चलाने के जुर्म में 7 साल की सजा मिली।
सरकारी फंड की चोरी के मामले में कार्रवाई की लिस्ट नीचे दी गई है:
| मामला/तारीख | सजा | जुर्माना/नुकसान |
|---|---|---|
| मिस्र नागरिक (वर्तमान केस) | 7 साल जेल | 3.463 मिलियन कुवैती दीनार |
| सीरियाई और मिस्र नागरिक (3 जून) | 7 साल जेल | 16.839 मिलियन कुवैती दीनार |
| सरकारी फंड चोरी (जून अंत) | गिरफ्तारी | करीब 180 मिलियन डॉलर का नुकसान |
| स्टेट सिक्योरिटी केस (23 जून) | 10 साल तक जेल | 199 मिलियन कुवैती दीनार तक जुर्माना |
इंटीरियर मिनिस्ट्री ने जून के आखिर में चार ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया जिन्होंने सरकारी पैसों का गलत इस्तेमाल किया था। इसके अलावा 23 जून को स्टेट सिक्योरिटी और मनी लॉन्ड्रिंग के 46 अलग-अलग मामलों में फैसले सुनाए गए, जिनमें से कुछ में 10 साल की जेल और करोड़ों का जुर्माना लगाया गया।
कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और काम करने वालों के लिए यह जरूरी है कि वे सभी वित्तीय नियमों का पालन करें। सरकारी या पब्लिक फंड से जुड़े किसी भी गलत काम में शामिल होने पर अब कुवैत की अदालतें बहुत सख्त सजा दे रही हैं, जिससे भविष्य में प्रवासियों के करियर और रहने की स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
