कुवैत में ईद-उल-अधा की तैयारियां शुरू हो गई हैं और लोग खरीदारी के लिए बाजारों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में आम जनता और प्रवासियों को महंगाई से बचाने के लिए Ministry of Commerce and Industry ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि त्योहार के नाम पर सामान की कीमतें बढ़ाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बाजार में कीमतों को कंट्रोल करने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
- 7 मई 2026 से मंत्रालय ने निगरानी तेज कर दी है और अगले तीन हफ्तों तक फील्ड कैंपेन चलाए जाएंगे।
- 28 फरवरी 2026 से पहले जो रिटेल कीमतें थीं, उन्हें ही अधिकतम रेट माना गया है, उससे ज्यादा दाम लेने के लिए मंत्रालय की मंजूरी जरूरी है।
- स्थानीय बाजारों में सामान की कमी न हो, इसलिए खाद्य उत्पादों को कुवैत से बाहर भेजने यानी एक्सपोर्ट करने पर रोक लगा दी गई है।
- निगरानी टीमें अब सेंट्रल मार्केट, कपड़ों की दुकानों और ब्यूटी पार्लरों पर खास नजर रख रही हैं क्योंकि यहां ईद के समय भीड़ ज्यादा होती है।
कीमतें बढ़ाने वालों पर क्या एक्शन होगा और शिकायत कैसे करें?
अगर कोई दुकान या कंपनी जानबूझकर दाम बढ़ाती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों को Commercial Prosecution को भेजा जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद भी किया जा सकता है।
- आम लोग किसी भी गड़बड़ी की शिकायत सरकारी एप्लिकेशन Sahel के जरिए कर सकते हैं।
- इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर और WhatsApp पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
क्या ईद के दौरान राशन और जरूरी सामान की कमी होगी?
Commercial Control Department के डायरेक्टर Faisal Al-Ansari ने भरोसा दिलाया है कि कुवैत में खाद्य सामग्री का स्टॉक पूरी तरह सुरक्षित है। सहकारी समितियों (Cooperative Societies) और सप्लाई सेंटरों में पर्याप्त सामान मौजूद है। साथ ही, Kuwait Flour Mills and Bakeries Company के साथ मिलकर ब्रेड के उत्पादन को बढ़ाया गया है ताकि आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अगर कोई दुकानदार ज्यादा दाम मांगे तो क्या करें?
उपभोक्ता इसकी शिकायत सरकारी एप्लिकेशन Sahel, हॉटलाइन नंबर या WhatsApp के जरिए Ministry of Commerce and Industry को कर सकते हैं।
क्या ईद के समय खाने-पीने की चीजों की कमी होगी?
नहीं, Faisal Al-Ansari के अनुसार खाद्य सामग्री का स्टॉक सुरक्षित है और सहकारी समितियों में पर्याप्त सामान उपलब्ध है।