Kuwait News: कुवैत के ऊर्जा मंत्री ने डिजिटल बदलाव और नए प्रोजेक्ट्स पर दिया जोर, जानिए पूरी खबर.

कुवैत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ देश के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री Dr. Sabeeh Al-Mukhaizeem ने देश में ऊर्जा क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए नए और इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स लाने पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि इन सभी प्रयासों से मंत्रालय के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को मजबूती मिलेगी और पूरे देश में बिजली और पानी की खपत को सही तरीके से मैनेज किया जा सकेगा। यह जानकारी कुवैत की आधिकारिक समाचार एजेंसी KUNA द्वारा 20 अगस्त 2026 को दी गई थी, जिसमें मंत्रालय के आने वाले विकास कार्यों का भी जिक्र किया गया था।
बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल
मंत्रालय की इस प्लानिंग में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ आम जनता को भी जोड़ने का काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में 12 मई 2026 को मंत्री महोदय ने 'Save… and Make a Difference' नाम से एक अभियान शुरू किया था, जिसका मकसद लोगों को संसाधनों की बचत के प्रति जागरूक करना था। इसके अलावा तकनीक को बढ़ावा देते हुए 11 जनवरी 2026 को मंत्रालय की प्रवक्ता इंजीनियर Fatima Abbas Jowhar Hayat ने घोषणा की थी कि देश में फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाई जा रही हैं। इससे बिजली प्रणाली को दूर बैठे ही आसानी से कंट्रोल और ऑपरेट किया जा सकेगा और सिस्टम में किसी भी तरह की रुकावट से बचा जा सकेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और साल 2030 का बड़ा लक्ष्य
कुवैत सरकार दूसरे देशों के साथ मिलकर भी ऊर्जा के क्षेत्र में नए कदम उठा रही है। इसी सिलसिले में 22 जुलाई 2026 को मंत्री Dr. Sabeeh Al-Mukhaizeem ने कुवैत में कनाडा की राजदूत Ms. Tara Sherwater से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच सस्टेनेबिलिटी और आधुनिक ऊर्जा तकनीकों पर आपसी अनुभव शेयर करने को लेकर चर्चा हुई थी। आप इस बारे में अधिक जानकारी KUNA और मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।
कुवैत सरकार का मुख्य लक्ष्य साल 2030 तक अपनी कुल ऊर्जा जरूरत का 15% हिस्सा रिन्यूएबल यानी नवीकरणीय स्रोतों से पूरा करना है। इसके लिए देश में लगातार काम चल रहा है, जिसमें शगाया क्षेत्र में पावर लाइन बिछाने की तैयारियां भी शामिल हैं। हालांकि, बिजली और अलवणीकरण संयंत्र में तकनीकी खराबी आने के बाद 17 जुलाई 2026 को मंत्रालय ने देश के सभी नागरिकों और प्रवासियों से बिजली की खपत कम करने और जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करने की अपील की थी ताकि ग्रिड पर ज्यादा दबाव न पड़े और सिस्टम पूरी तरह से स्थिर बना रहे।