कुवैत में स्थित कई देशों के दूतावासों ने मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए अपने रमजान के कार्यक्रम और इफ्तार पार्टियों को रद्द कर दिया है। बहरीन, ओमान और भारत के दूतावासों ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वे इस बार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम नहीं करेंगे। वहीं, अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों और कुवैत में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए ‘Shelter-In-Place’ यानी सुरक्षित स्थानों पर ही रहने का आदेश जारी किया है। यह कदम क्षेत्र में चल रहे तनाव और हाल ही में हुई घटनाओं के बाद एहतियात के तौर पर उठाया गया है।

किन देशों ने रद्द किए अपने कार्यक्रम?

कुवैत में अलग-अलग दूतावासों ने सुरक्षा कारणों से अपने शेड्यूल में बदलाव किया है। भारतीय दूतावास ने भी अपने परिसर में होने वाले रमजान कार्यक्रम को रद्द कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिकी दूतावास ने अपने मिशन कर्मियों को घर लौटने और सुरक्षित रहने का निर्देश दिया।

  • ओमान दूतावास: शनिवार शाम (28 फरवरी) को होने वाला रिसेप्शन रद्द कर दिया गया है।
  • बहरीन दूतावास: सोमवार (2 मार्च) को होने वाला रमजान रिसेप्शन अगली सूचना तक रद्द है।
  • भारतीय दूतावास: पहले से तय रमजान सभा को रद्द कर दिया गया है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
  • ट्यूनीशिया दूतावास: राष्ट्रीय दिवस के कारण सेवाएं बंद थीं, जो 1 मार्च से फिर शुरू होंगी।

सुरक्षा के बीच रमजान के लिए नए सरकारी नियम

कुवैत सरकार ने इस साल रमजान के लिए कुछ सख्त नियम भी लागू किए हैं ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। आंतरिक मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा बल ‘मैक्सिमम अलर्ट’ पर हैं। लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है।

  • टेंट के नियम: रमजान टेंट लगाने के लिए 500 दीनार फीस और 500 दीनार सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा। टेंट मिलिट्री इलाकों से 2 किलोमीटर दूर होने चाहिए।
  • चंदा वसूली पर रोक: मस्जिदों के अंदर नकद चंदा लेना पूरी तरह मना है। दान केवल K-Net या बैंक ट्रांसफर जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से ही किया जा सकता है।
  • लाउडस्पीकर पर पाबंदी: नमाज के दौरान मस्जिदों में बाहरी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
  • इफ्तार का समय: इफ्तार के टेबल मगरिब की अजान से 30 मिनट पहले ही लगाए जा सकेंगे और खाने के तुरंत बाद हटाए जाएंगे।

आम जनता और प्रवासियों के लिए क्या सलाह है?

कुवैत में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों (जैसे आंतरिक मंत्रालय) की खबरों पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों, जैसे कि इकट्ठा होने पर 1000 दीनार का जुर्माना या जेल, को मंत्रालय ने गलत बताया है।

इसके अलावा, रमजान के दौरान सरकारी दफ्तरों का काम काज का समय घटाकर 4 घंटे की शिफ्ट कर दिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को मिलिट्री और तेल प्रतिष्ठानों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास ने भी अपने नागरिकों से अपील की है कि वे स्थानीय कानूनों का पालन करें और सतर्क रहें।