कुवैत में हाल ही में हुए हमलों के बाद पूरे देश में इमरजेंसी की स्थिति बढ़ा दी गई है। कुवैत के अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबा के आदेश पर सभी जरूरी जगहों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मार्च में लगातार हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद फायर सर्विस, साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट पर हैं। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और कुछ सरकारी इमारतों पर हुए हमलों के बाद सरकार ने आम नागरिकों और प्रवासियों के लिए खास सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं।
हमले के बाद कुवैत में क्या है मौजूदा स्थिति?
कुवैत के रक्षा मंत्रालय और एयर डिफेंस सिस्टम ने हाल ही में कई हमलों को नाकाम किया है। 8 मार्च को पब्लिक इंस्टीट्यूशन फॉर सोशल सिक्योरिटी (PIFSS) और कुवैत एयरपोर्ट के पास सबहान इलाके में फ्यूल टैंक पर ड्रोन हमले के कारण भयंकर आग लग गई थी। कुवैत फायर फोर्स ने स्थिति को काबू करने के लिए तुरंत दो अस्थाई फायर स्टेशन बनाए हैं।
- डिफेंस सिस्टम ने देश के दक्षिणी हिस्से में कई बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है।
- अलर्ट के लिए अब तक पूरे देश में 82 बार सायरन बजाए जा चुके हैं।
- फायर फोर्स की टीम ने 362 इमरजेंसी कॉल्स पर तुरंत कार्रवाई की है।
- स्वास्थ्य मंत्रालय ने अल-अदान और जाबेर अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और दवाइयों का पूरा स्टॉक मौजूद है।
प्रवासियों और आम लोगों के लिए क्या हैं नए नियम?
कुवैत में रह रहे भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए सरकार ने कुछ सख्त नियम बनाए हैं जिनका पालन करना जरूरी है। साइबर क्राइम डिपार्टमेंट सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रख रहा है ताकि कोई भी गलत जानकारी या अफवाह न फैले। खाने-पीने की चीजों की कमी न हो इसके लिए 76 को-ऑपरेटिव सोसायटियों ने सरकार के साथ मिलकर पूरा इंतजाम किया है।
- अगर किसी को मिसाइल या ड्रोन का कोई टुकड़ा सड़क पर गिरे हुए दिखे तो उसे बिल्कुल न छुएं।
- किसी भी संदिग्ध वस्तु को देखने पर तुरंत इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल करके जानकारी दें।
- मिनिस्ट्री ऑफ सोशल अफेयर्स ने लोगों के बचाव के लिए पूरे देश में 95 शेल्टर तैयार किए हैं।
- बम निरोधक दस्ते ने अब तक 300 से अधिक जगहों से गिरे हुए मलबे को हटाया है।
- जानकारी के लिए सिर्फ कुवैत सरकार के आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा करें।
