Gulf देशों में इन दिनों नए प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी पड़ गई है। जहां सऊदी अरब और UAE जैसे बड़े बाजारों में गिरावट आई है, वहीं Kuwait ने सबको चौंकाते हुए बड़ी बढ़त हासिल की है। regional uncertainty और तनाव की वजह से पूरे GCC इलाके में असर पड़ा है।
ℹ: ईरान की हरकतों से परेशान हुए Gulf देश, GCC नेताओं ने लिया बड़ा फैसला, अब एक पर हमला मतलब सब पर हमला।
GCC देशों में प्रोजेक्ट्स की क्या हालत है?
Kamco Invest की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में GCC देशों में प्रोजेक्ट्स के कॉन्ट्रैक्ट्स की कुल वैल्यू 9.7% गिर गई। यह घटकर 61.2 बिलियन डॉलर रह गई है, जबकि पिछले साल इसी समय यह 67.8 बिलियन डॉलर थी। इसका मुख्य कारण US और ईरान के बीच तनाव और क्षेत्रीय अस्थिरता है। इस तनाव की वजह से Strait of Hormuz में शिपिंग में दिक्कत आई, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई और रियल एस्टेट व टूरिज्म जैसे सेक्टर में नकारात्मक माहौल बना।
Kuwait कैसे बना क्षेत्रीय ग्रोथ लीडर?
जहां दूसरे बड़े देश पिछड़े, वहीं Kuwait में प्रोजेक्ट्स की वैल्यू में पांच गुना से ज्यादा की बढ़त देखी गई। 2025 की पहली तिमाही में यह 1.5 बिलियन डॉलर थी, जो 2026 की पहली तिमाही में बढ़कर 8.1 बिलियन डॉलर हो गई। World Bank ने बताया कि Kuwait अब अपनी औद्योगिक नीति को सक्रिय कर रहा है ताकि अर्थव्यवस्था को केवल तेल पर निर्भर न रखकर अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ाया जा सके।
Kuwait सरकार ने विकास कार्यों पर पिछले 5 साल का सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया है। 2025-2026 के वार्षिक विकास प्लान की पहली तिमाही तक सरकारी खर्च 132.4 मिलियन कुवैती दीनार (433.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गया। इस बजट में 69 नए प्रोजेक्ट और 373 पुराने प्रोजेक्ट शामिल हैं।
| विवरण | 2025 (पहली तिमाही) | 2026 (पहली तिमाही) |
|---|---|---|
| GCC कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू | $67.8 बिलियन | $61.2 बिलियन |
| Kuwait प्रोजेक्ट वैल्यू | $1.5 बिलियन | $8.1 बिलियन |
| GCC कॉन्ट्रैक्ट्स (जनवरी 2026) | – | 84 |
| GCC कॉन्ट्रैक्ट्स (फरवरी 2026) | – | 80 |
| GCC कॉन्ट्रैक्ट्स (मार्च 2026) | – | 25 |
| Kuwait सरकारी खर्च (Q1) | – | KD 132.4 मिलियन |
Frequently Asked Questions (FAQs)
GCC देशों में प्रोजेक्ट्स कम होने का मुख्य कारण क्या है?
US-ईरान विवाद और क्षेत्रीय तनाव की वजह से सप्लाई चेन में दिक्कत आई है और व्यापारिक माहौल में अनिश्चितता बढ़ी है।
IMF ने ग्लोबल इकोनॉमी के बारे में क्या कहा?
IMF ने 2026 के लिए ग्लोबल GDP ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 2.0% और MENA क्षेत्र के लिए 1.1% कर दिया है।