कुवैत सरकार ने देश में इबादतगाहों के प्रबंधन और संचालन के लिए एक नया कानून लागू किया है। Decree Law No. 72 of 2026 नाम का यह कानून 19 जुलाई 2026 को आधिकारिक गजट ‘Kuwait Alyawm’ में प्रकाशित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर पारदर्शिता लाना और वहां किसी भी तरह की राजनीति या गलत गतिविधियों को रोकना है।
नियमों का पालन अनिवार्य
इस नए कानून में कुल 30 अनुच्छेद शामिल हैं जो स्पष्ट करते हैं कि इबादतगाहों का इस्तेमाल केवल धार्मिक कार्यों के लिए ही किया जाएगा। सरकार ने अब एक Committee for Places of Worship का गठन किया है, जो सभी धार्मिक स्थलों के लिए परमिट और अन्य नियमों की देखरेख करेगी। यदि कोई संस्थान इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो संबंधित मंत्रालय के पास उस जगह को बंद करने और उसकी संपत्ति को जब्त करने का पूरा अधिकार होगा।
क्या होगा प्रतिबंधित
सरकार ने इबादतगाहों के अंदर कई गतिविधियों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है:
- धार्मिक स्थलों पर किसी भी तरह की कट्टरता या हिंसा को बढ़ावा देना।
- जाति, धर्म या संप्रदाय के नाम पर नफरत फैलाना।
- बिना अनुमति के धार्मिक आयोजन करना या गलत रीति-रिवाज अपनाना।
- राज्य के मामलों में हस्तक्षेप करना या विदेशी राजनयिकों के साथ संपर्क रखना।
- बिना सरकारी मंजूरी के किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति करना।
यह कानून सभी नागरिकों और प्रवासियों के लिए समान रूप से धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए लाया गया है।
