कुवैत में आने वाली भीषण गर्मी से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। बिजली और पानी की किल्लत न हो, इसके लिए 43.5 मिलियन दीनार का एक बड़ा समझौता किया गया है। इस कदम का मुख्य मकसद यह है कि गर्मियों के दौरान बिजली की मांग बढ़ने पर भी लोगों को कटौती का सामना न करना पड़े और सप्लाई बनी रहे।

कुवैत सरकार ने बिजली संकट रोकने के लिए क्या कदम उठाए?

Ministry of Electricity, Water and Renewable Energy (MEWRE) ने मई 2026 से मार्च 2027 तक बिजली आयात करने का एक नया करार किया है। इस डील की लागत 43.5 मिलियन दीनार है। इसके साथ ही अल-वफरा स्टेशन और सबाह अल-अहमद रिहायशी इलाकों के बीच बिजली कनेक्शन बढ़ाए गए हैं ताकि गल्फ ग्रिड से बिजली लाना आसान हो सके। यह पूरी योजना State Audit Bureau (SAB) की निगरानी में है।

मेंटेनेंस और सोलर एनर्जी का क्या अपडेट है?

सरकार ने बिजली संयंत्रों और पानी के प्लांट को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है। अब तक पावर प्लांट का 60% और डिसेलिनेशन प्लांट का 70% मेंटेनेंस काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा कुछ नए नियम भी लागू किए गए हैं:

  • सभी सरकारी संस्थाओं को अपनी 10% बिजली सोलर एनर्जी से पैदा करनी होगी।
  • इस सोलर प्रोजेक्ट से नेशनल ग्रिड को लगभग 60 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलेगी।
  • पीक समय में बिजली बचाने के लिए सरकारी दफ्तरों और फैक्ट्रियों को खपत कम करने या काम रोकने के लिए कहा जा सकता है।
  • Gulf Cooperation Council Interconnection Authority (GCCIA) के जरिए अन्य देशों के साथ सहयोग बढ़ाया जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह बिजली समझौता कब तक लागू रहेगा?

यह समझौता मई 2026 से शुरू होगा और मार्च 2027 तक चलेगा, ताकि गर्मियों के चरम समय में बिजली की कमी को दूर किया जा सके।

क्या गर्मियों में बिजली कटौती की संभावना है?

सरकार कटौती रोकने के लिए पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन अधिक मांग होने पर फैक्ट्रियों को काम रोकने या सरकारी दफ्तरों में बिजली कम इस्तेमाल करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।