कुवैत ने अपने तेल निर्यात को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ी योजना शुरू की है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz के रास्ते शिपिंग खतरों को देखते हुए कुवैत अब अपना तेल विदेशों में स्टोर कर रहा है। इस कदम का मकसद यह है कि अगर समुद्री रास्तों में दिक्कत आए, तो भी तेल की सप्लाई न रुके और वैश्विक बाजार में स्थिरता बनी रहे।

कुवैत ने तेल बचाने के लिए क्या इमरजेंसी प्लान बनाया है?

Kuwait Petroleum Corporation (KPC) के CEO Sheikh Nawaf Al-Saud ने बताया कि तनाव की स्थिति को देखते हुए आपातकालीन योजना को तुरंत लागू किया गया। इसके तहत कच्चे तेल को पूर्वी एशियाई बाजारों में स्टोर किया गया और टैंकरों को खाड़ी के पानी से बाहर तैनात किया गया। साथ ही, टैंकरों की लोडिंग क्षमता को बढ़ाया गया ताकि सप्लाई चेन बनी रहे। इससे पहले मार्च 2026 में ईरान की धमकियों और जहाजों के सुरक्षित रास्ते में रुकावट के कारण KPC ने तेल उत्पादन में कटौती की थी और force majeure घोषित किया था।

जापान, कोरिया और भारत में तेल स्टोरेज का क्या अपडेट है?

कुवैत ने अपनी रणनीति के तहत जापान और दक्षिण कोरिया में कुल 7 से 8 मिलियन बैरल तेल जमा किया है। इसकी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:

  • जापान: Ineos के साथ समझौते के तहत लगभग 3.5 मिलियन बैरल कच्चा तेल स्टोर किया गया है।
  • दक्षिण कोरिया: Ulsan स्टोरेज सुविधाओं में करीब 4 मिलियन बैरल तेल रखा गया है।
  • पाकिस्तान: कुवैत यहां भी रणनीतिक पेट्रोलियम स्टोरेज बनाने की संभावनाओं पर काम कर रहा है।
  • भारत: KPC ने भारत के Strategic Petroleum Reserve (SPR) प्रोजेक्ट के दूसरे फेज (Phase II) में शामिल होने की इच्छा जताई है।

इस पूरी योजना का उद्देश्य एशियाई ग्राहकों तक तेल जल्दी पहुंचाना और उन रास्तों पर निर्भरता कम करना है जहां युद्ध या तनाव का खतरा ज्यादा रहता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत ने तेल स्टोर करने के लिए विदेशों का सहारा क्यों लिया?

Strait of Hormuz में शिपिंग खतरों और क्षेत्रीय तनाव के कारण कुवैत ने यह फैसला लिया है, ताकि तेल निर्यात सुरक्षित रहे और सप्लाई में कोई बाधा न आए।

भारत के साथ कुवैत की क्या योजना है?

कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) भारत के Strategic Petroleum Reserve (SPR) प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में हिस्सा लेना चाहता है, जिससे भारत में कच्चे तेल का भंडारण बढ़ाया जा सके।