कुवैत सरकार ने अपने शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है. अब वहां करीब 3795 विदेशी शिक्षकों को धीरे-धीरे नौकरी से हटाया जाएगा. यह कदम ‘कुवैतकरण’ (Kuwaitization) नीति के तहत उठाया गया है, ताकि सरकारी नौकरियों में स्थानीय नागरिकों को प्राथमिकता मिल सके और शिक्षा क्षेत्र को स्थानीय जरूरतों के हिसाब से ढाला जा सके.

शिक्षकों को हटाने का क्या है पूरा प्लान?

विदेशी शिक्षकों को हटाने की यह प्रक्रिया 5 साल में पूरी होगी. इसकी शुरुआत 2026-2027 शैक्षणिक वर्ष के खत्म होने के बाद से होगी. पहले चार सालों तक हर साल 766 शिक्षकों के कॉन्ट्रैक्ट खत्म किए जाएंगे और पांचवें साल में 731 शिक्षकों को हटाया जाएगा. इस प्लान का मकसद उन विषयों में विदेशी स्टाफ की संख्या को पूरी तरह खत्म करना है जहां कुवैती नागरिकों की उपलब्धता पर्याप्त है.

किन विषयों के टीचर होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित?

कुवैत के सिविल सर्विस कमीशन (CSC) ने 8 ऐसे विषयों की पहचान की है जहां शिक्षकों की संख्या जरूरत से ज्यादा है. इन विषयों के विदेशी शिक्षकों को धीरे-धीरे हटाया जाएगा. सबसे ज्यादा असर शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों पर पड़ेगा.

विषय (Specialization) प्रभावित शिक्षकों की संख्या
Physical Education (शारीरिक शिक्षा) 1,744
Islamic Studies (इस्लामिक अध्ययन) 1,083
Kindergarten (किंडरगार्टन) 285
French (फ्रेंच) शामिल
Home Economics (होम इकोनॉमिक्स) शामिल
Art Education (कला शिक्षा) शामिल
Psychology (मनोविज्ञान) शामिल
Social Studies (सामाजिक अध्ययन) शामिल

अन्य महत्वपूर्ण अपडेट और नियम

शिक्षा मंत्रालय उन 60 विदेशी कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट भी खत्म करने की तैयारी में है जिन्होंने अपनी सेवा की कानूनी सीमा पूरी कर ली है. इनमें 55 शिक्षक और 5 प्रशासनिक कर्मचारी शामिल हैं. वहीं, खास जरूरतों वाले बच्चों (Special Needs) को पढ़ाने वाले 56 विदेशी शिक्षकों को दोबारा काम पर रखा गया है, क्योंकि उनकी विशेषज्ञता की जरूरत अभी बनी हुई है. इसके अलावा, इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने भी 83 विदेशी शिक्षकों को 30 सितंबर तक कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की सूचना दी है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com