कुवैत की एक अदालत ने 19 जनवरी 2026 को एक अहम फैसला सुनाया। अपील कोर्ट ने एक कुवैती नागरिक को उम्रकैद की सजा दी। उस पर अपने परिवार के एक ड्राइवर की हत्या करने और शव को छुपाने का आरोप था। यह हत्या साद अल-अब्दुल्ला इलाके में हुई थी और शव को अमघारा स्क्रैपयार्ड में दफनाया गया था। इस मामले की जांच में कई सबूत सामने आए, जिन्होंने आरोपी के जुर्म को साबित किया।

पूरा मामला क्या था?

मामला कुवैत के साद अल-अब्दुल्ला इलाके से जुड़ा है। यहां एक कुवैती नागरिक पर अपने परिवार के ड्राइवर की हत्या का आरोप लगा था। पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने बताया कि आरोपी और ड्राइवर के बीच झगड़ा हुआ था। इसी झगड़े के बाद आरोपी ने ड्राइवर की हत्या कर दी। जुर्म छिपाने के लिए उसने शव को अमघारा स्क्रैपयार्ड में ले जाकर दफना दिया था।

जांच में क्या सामने आया और आरोपी कौन था?

इस केस में जांच एजेंसियों ने कई पहलू देखे। तकनीकी सबूत और फॉरेंसिक रिपोर्ट भी सामने आई। इन सभी चीजों ने आरोपी की इसमें भागीदारी साफ तौर पर दिखाई। पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने आरोपी पर सोची-समझी साजिश के तहत हत्या (premeditated murder) का आरोप लगाया। कोर्ट ऑफ अपील्स ने सभी सबूतों और बयानों पर गौर करने के बाद कुवैती नागरिक को दोषी माना और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।

कुवैत में हत्या और सजा के नियम क्या हैं?

कुवैत के कानून के हिसाब से, गंभीर हत्या के मामलों में फांसी की सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों की समीक्षा पहले कोर्ट ऑफ अपील्स करती है, और अगर जरूरत हो तो कोर्ट ऑफ कैसेशन भी सुनवाई करता है। फांसी की सजा के लिए वहां के अमीर की मंजूरी भी जरूरी होती है, और यह आमतौर पर फांसी लगाकर दी जाती है। हालांकि, इस मामले में अपील कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दी। ऐसा अक्सर तब होता है जब अपील के दौरान सबूतों या अन्य बातों को देखकर निचली अदालत की मौत की सजा को बदल दिया जाता है। इस केस में कोई फांसी नहीं हुई है, जबकि 2023 में 2015 के कुवैत मस्जिद हमले के लिए कुछ लोगों को फांसी दी गई थी।

Last Updated: 20 January 2026

GulfHindi Desk

Serving Arab, India Live News Updates since 2018. You can share your feedback, requests on gulfhindi@gulfhindi.com