कुवैत सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग को रोकने के लिए कमर कस ली है। प्रधानमंत्री शेख अहमद अल-अब्दुल्ला ने एक हाई-लेवल मीटिंग की ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों यानी FATF के नियमों का पालन किया जा सके। इस पूरी कवायद का मकसद देश में अवैध पैसों के लेन-देन पर पूरी तरह लगाम लगाना है।

कुवैत में मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए कौन से नए कानून आए हैं?

कुवैत ने अपनी कानूनी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने Decree-Law No. 76 of 2025 जारी किया है, जो Law No. 106 of 2013 में संशोधन करता है। इस नए कानून के तहत अब कैबिनेट को यह अधिकार मिला है कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों को लागू करने के लिए जरूरी फैसले ले सके। इसके जरिए संदिग्ध लोगों की संपत्ति फ्रीज करना, उन्हें लिस्ट से हटाना और उनके साथ लेन-देन पर रोक लगाना आसान होगा। नियम तोड़ने वालों को भारी जुर्माना और जेल की सजा होगी।

FATF नियमों को पूरा करने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?

3 मई 2026 को प्रधानमंत्री शेख अहमद अल-अब्दुल्ला ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मीटिंग में FATF की ऑब्जर्वेशन और जरूरतों पर चर्चा हुई। सरकार का मुख्य फोकस सभी सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है ताकि नियमों का पालन सही समय पर हो सके। प्रधानमंत्री खुद इस पूरी पहल की कमान संभाल रहे हैं ताकि कुवैत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख मजबूत कर सके।

हाल ही में पकड़े गए मनी लॉन्ड्रिंग केस की पूरी डिटेल

मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सरकार ने एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस केस में तुर्की के जरिए पैसा मंगाने की कोशिश की गई थी ताकि जांच एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके।

विवरण जानकारी
पैसा भेजने का तरीका तुर्की के जरिए छोटे ट्रांसफर
ट्रांसफर लिमिट 25,000 कुवैती दीनार या उससे कम
कुल जब्त रकम 153,837.25 कुवैती दीनार
जांच एजेंसी Financial Prosecution Office
नेटवर्क का तरीका अनौपचारिक चैनल से कैश वितरण

Frequently Asked Questions (FAQs)

Decree-Law No. 76 of 2025 क्या है?

यह एक नया कानून है जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग को रोकने के लिए बनाया गया है। इसमें संपत्ति फ्रीज करने और अपराधियों को कड़ी सजा देने के सख्त प्रावधान शामिल हैं।

FATF नियमों के लिए कुवैत क्या कर रहा है?

कुवैत अपने सरकारी विभागों में तालमेल बढ़ाकर और नए कानूनी ढांचे तैयार करके FATF के अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा कर रहा है ताकि देश को मनी लॉन्ड्रिंग मुक्त बनाया जा सके।