कुवैत में हाल ही में ईरान द्वारा हवाई क्षेत्र के उल्लंघन और कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमलों को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है। कुवैत सरकार ने इन लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) को अपना दूसरा आधिकारिक विरोध पत्र सौंपा है। इस शिकायत में कुवैत ने हवाई सुरक्षा और आम यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इस तनाव से खाड़ी देशों में रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले लाखों प्रवासियों पर भी सीधा असर पड़ रहा है क्योंकि उड़ानों के मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किए जा रहे हैं।
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले से क्या नुकसान हुआ?
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 (T1) को निशाना बनाकर किए गए इस हमले से भारी नुकसान हुआ है। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में कुछ लोगों की जान गई है और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके साथ ही एयरपोर्ट की सरकारी संपत्तियों को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है कि यह हमला टर्मिनल 1 के दोबारा खुलने के महज 48 घंटे बाद ही हो गया, जिसे पिछले हमले के बाद ही ठीक किया गया था। इस हमले के तुरंत बाद उड़ानों को रोकना पड़ा और एयरपोर्ट का कामकाज अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था।
कुवैत ने सुरक्षा और राजनयिक स्तर पर क्या कदम उठाए?
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अल ओतैबी के अनुसार, कुवैती सशस्त्र बलों ने अपने हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई 7 बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को समय रहते रोका और नष्ट किया। इसके अलावा, कुवैत सरकार ने 3 जून 2026 को ईरान के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया था जिसमें कहा गया था कि अमेरिका कुवैत की जमीन का इस्तेमाल हमलों के लिए कर रहा है। इसके बाद कुवैत ने तुरंत ईरानी राजदूत को तलब किया, अपने यहाँ ईरानी दूतावास के कर्मचारियों की संख्या कम करने का आदेश दिया और दो ईरानी राजनयिकों को देश छोड़ने के लिए 24 घंटे का समय दिया था।
ICAO में कुवैत की शिकायत और पुराना इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब कुवैत ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है। इससे पहले 22 मार्च 2026 को भी कुवैत ने ICAO में ऐसी ही शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 31 मार्च 2026 को ICAO परिषद ने ईरान की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की थी। कुवैत का स्पष्ट कहना है कि यह हमले अंतरराष्ट्रीय समझौतों और 1944 के शिकागो कन्वेंशन का खुला उल्लंघन हैं। कुवैत प्रशासन अपनी संप्रभुता और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कानूनी कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत और ईरान के बीच इस ताजा विवाद की मुख्य वजह क्या है?
मुख्य वजह ईरान द्वारा कुवैत के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करना और कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन व मिसाइल हमले करना है, जिससे सामान्य उड़ानों और यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
क्या इस हमले के कारण कुवैत का हवाई क्षेत्र बंद किया गया था?
हां, शनिवार को सुबह 4:15 बजे से 6:15 बजे तक लगभग दो घंटे के लिए कुवैत का हवाई क्षेत्र बंद रहा था, क्योंकि सुरक्षा बलों ने हवाई क्षेत्र में 7 बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट किया था।
