कुवैत के कुछ स्कूलों में काम करने वाले फिलिपिनो टीचर्स पिछले कई महीनों से अपनी सैलरी का इंतज़ार कर रहे हैं. मार्च से उन्हें कोई तनख्वाह नहीं मिली है, जिसकी वजह से वे बहुत मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं. अब उनकी मदद के लिए वहां रहने वाले दूसरे फिलिपिनो लोग आगे आए हैं और उन्हें राशन और ज़रूरी सामान दे रहे हैं.

सैलरी न मिलने पर अब तक क्या हुआ और कौन कर रहा है मदद?

कुवैत के किंडरगार्टन और प्राइमरी स्कूलों में काम करने वाले करीब 38 फिलिपिनो वर्कर्स को मार्च से सैलरी नहीं मिली है. जब उनकी अपनी सरकार यानी Department of Migrant Workers (DMW) और Migrant Workers Office (MWO) ने उन्हें आर्थिक मदद के लिए अयोग्य माना, तब वहां के स्थानीय फिलिपिनो वॉलिंटियर्स ने उनकी मदद की. इन वॉलिंटियर्स ने मिलकर संसाधन जुटाए और प्रभावित वर्कर्स को राशन और ज़रूरत का सामान मुहैया कराया ताकि वे अपनी बुनियादी ज़रूरतें पूरी कर सकें.

कुवैत सरकार के नियम और अधिकारियों का क्या कहना है?

कुवैत की सरकार ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों की सैलरी रोकना एक ‘रेड लाइन’ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस मामले में कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • First Deputy Prime Minister और Minister of Interior, Fahd Al-Yousef और Rabab Al-Osaimi ने निर्देश दिए हैं कि सैलरी में देरी करने वाले मालिकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.
  • कुवैत के Private Sector Labour Law (Law 6/2010) के Article 57 के मुताबिक, जिन मालिकों के पास 5 या उससे ज़्यादा कर्मचारी हैं, उन्हें सैलरी सीधे बैंक अकाउंट में भेजनी होगी और उसका रिकॉर्ड देना होगा.
  • Public Authority for Manpower अब हर महीने बैंक डिपॉजिट की जांच कर रहा है ताकि प्रवासियों को समय पर पैसा मिले.
  • नियमों का पालन न करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, जिसमें कंपनी की फाइलों को अस्थायी रूप से सस्पेंड करना भी शामिल है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या फिलिपिनो सरकार ने इन वर्कर्स की मदद की?

नहीं, Department of Migrant Workers (DMW) ने इन वर्कर्स को आर्थिक सहायता के लिए अयोग्य पाया, जिसके कारण उन्हें वॉलिंटियर्स की मदद लेनी पड़ी.

कुवैत में सैलरी नियमों का उल्लंघन करने पर क्या कार्रवाई होगी?

Public Authority for Manpower ने चेतावनी दी है कि सैलरी रोकने वाले नियोक्ताओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और उनकी कंपनी फाइलें भी सस्पेंड की जा सकती हैं.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.