Kuwait में मछली के बढ़ते दामों से आम लोग परेशान, लोगों ने शुरू किया बायकॉट अभियान तो यूनियन ने दी सफाई.

Sushma Kumari9 August 20263 min read70 viewsKuwait
Kuwait में मछली के बढ़ते दामों से आम लोग परेशान, लोगों ने शुरू किया बायकॉट अभियान तो यूनियन ने दी सफाई.

कुवैत सिटी में इन दिनों मछली के आसमान छूते दामों की वजह से आम लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और बाजारों में बायकॉट अभियान तेजी से फैल रहा है। बाजार में खाने-पीने की चीजों के दाम इतने बढ़ गए हैं कि लोग सोशल मीडिया और आम बातचीत में Don't Buy, Let It Rot जैसे नारे लगाकर इसका विरोध कर रहे हैं। हालांकि इस बीच झींगा यानी shrimp के दामों में पिछले हफ्ते से शुरू हुए फिशिंग सीजन के बाद कुछ गिरावट देखने को मिली है, लेकिन आम मछलियों के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं।

Al-Kout और Sharq बाजारों में हुई नीलामी

पिछले हफ्ते यानी 8 अगस्त 2026 को Al-Kout और Sharq बाजारों में लगभग 840 baskets झींगे की नीलामी की गई थी। इन झींगों के दाम आकार और क्वालिटी के हिसाब से KD 40 से लेकर KD 45 प्रति बास्केट के बीच दर्ज किए गए थे। झींगे के दामों में थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन रोजमर्रा की दूसरी मछलियां अभी भी आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं, जिससे खरीदारों की जेब पर भारी असर पड़ रहा है।

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Fishermen's Union ने क्या दी सफाई

बायकॉट की इन सभी खबरों और विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए फिशरमैन यूनियन के प्रमुख Abdullah Al-Sarheed ने 8 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि यह बायकॉट के आह्वान बाजार की वास्तविक स्थिति को बिल्कुल भी सही तरीके से नहीं दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों के दौरान मछली के दामों में जो बढ़ोतरी हुई है, उसकी मुख्य वजह क्षेत्रीय सुरक्षा के हालात हैं, जिनका सीधा असर नौकायन और मछली पकड़ने के काम पर पड़ा है। सुरक्षा कारणों से कई समुद्री इलाकों में पाबंदियां लगाई गई हैं और परिवहन के रास्तों में भी बाधा आई है, जिसके कारण स्थानीय बाजारों तक पहुंचने वाली मछलियों की मात्रा में भारी कमी दर्ज की गई है।

अब्दुल्लाह अल-सरहीद ने यह भी कहा कि केवल कुवैत ही नहीं बल्कि कई अन्य क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी आर्थिक और भू-राजनीतिक स्थितियों के कारण मछली के दाम बढ़े हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाजार में कीमतें पूरी तरह से मांग और आपूर्ति के नियम के साथ-साथ मछली पकड़ने में आने वाले मुश्किल खर्चों और ऑपरेशनल लागत पर निर्भर करती हैं।

मंत्रालय और KISR की सख्त कार्रवाई

बढ़ते खाने-पीने के सामान के दामों को नियंत्रित करने के लिए कुवैत के Ministry of Commerce and Industry ने मार्च 2026 में एक बड़ा डिक्री जारी किया था। इसके तहत 28 फरवरी 2026 से पहले के दामों के आधार पर सभी खाद्य वस्तुओं के अधिकतम खुदरा मूल्य तय किए गए थे और यह नियम बनाया गया था कि किसी भी तरह की बढ़ोतरी के लिए मंत्रालय की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने इन नियमों का पालन कराने के लिए बाजारों में निरीक्षण अभियान भी चलाए हैं। इसके अलावा 3 अगस्त 2026 के आसपास Kuwait Institute for Scientific Research (KISR) ने एक चेतावनी रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें अत्यधिक मछली पकड़ने के कारण लोकप्रिय मछली प्रजातियों के तेजी से खत्म होने की बात कही गई थी। इस रिपोर्ट में समुद्री संपत्ति की रक्षा के लिए फिश फार्म बनाने, उत्पादन बढ़ाने, समुद्री रिजर्व का दायरा बढ़ाने और फिशिंग नियमों की निगरानी को मजबूत करने की सिफारिश की गई थी।

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