कुवैत और आसपास के देशों में चल रहे तनाव ने हवाई यात्रा को बहुत महंगा कर दिया है। जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने से अब फ्लाइट की टिकटें महंगी हो रही हैं, जिसका सीधा असर आम यात्रियों और प्रवासियों पर पड़ रहा है। Jazeera Airways जैसी कंपनियों को भी इस संकट के कारण अपने रास्ते बदलने पड़े हैं और यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हवाई टिकट और ईंधन की कीमतों में कितना इजाफा हुआ?

Jazeera Airways के सरकारी सेक्टर के CEO Nasser Al-Obaid ने बताया कि क्षेत्रीय युद्ध की वजह से पूरी दुनिया के विमानन क्षेत्र पर बुरा असर पड़ा है। Strait of Hormuz बंद होने से ईंधन के निर्यात में दिक्कत आई है, जिससे जेट फ्यूल की कीमत युद्ध से पहले 82 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर 230 डॉलर हो गई है। इसका नतीजा यह हुआ कि अंतरराष्ट्रीय हवाई किराए में 20 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस महंगाई की वजह से लोग अब हवाई यात्रा के बजाय दूसरे विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। IATA के डायरेक्टर Stuart Fox ने चेतावनी दी है कि अगर यह विवाद जल्द खत्म नहीं हुआ, तो ईंधन की भारी कमी हो सकती है, जिससे कई फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ सकती हैं। इस संकट के कारण गर्मियों की यात्राओं में 30 से 40 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका है।

कुवैत एयरपोर्ट बंद होने से यात्रियों पर क्या असर पड़ा?

ड्रोन हमलों के कारण 28 फरवरी 2026 से Kuwait International Airport को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इस वजह से Jazeera Airways ने अपनी सेवाओं को चालू रखने के लिए सऊदी अरब के Qaisumah, Dammam, Jeddah और Medina एयरपोर्ट के साथ-साथ मिस्र के Cairo का सहारा लिया है। चेयरमैन Marwan Boodai ने कहा कि सऊदी अरब के एयरपोर्ट्स कुवैती एयरलाइंस के लिए बहुत मददगार रहे हैं।

कंपनी ने अब तक 73,655 यात्रियों को इन वैकल्पिक रूटों से पहुंचाया है। फिलहाल Jazeera Airways मिशरफ के Kuwait International Fairgrounds में 2,500 वर्ग मीटर की सुविधा का उपयोग कर रही है, ताकि यात्रियों के सफर का समय कम हो सके। हालांकि, युद्ध की वजह से एयरलाइंस का बीमा खर्च भी 60 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

हवाई यात्रा और खर्चों का पूरा हिसाब

इस पूरे संकट के कारण जो वित्तीय और परिचालन बदलाव आए हैं, उन्हें नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:

विवरण युद्ध से पहले / अनुमान वर्तमान स्थिति
जेट फ्यूल की कीमत (प्रति बैरल) 82 डॉलर 230 डॉलर
अंतरराष्ट्रीय हवाई किराया सामान्य 20% से ज्यादा बढ़ा
बीमा लागत (Insurance Cost) सामान्य 60% तक बढ़ी
मिडिल ईस्ट की फ्लाइट्स में गिरावट 52% की कमी
Jazeera Airways ऑपरेशन पर असर 25% प्रभावित
समर ट्रैवल पर संभावित असर 30% से 40% की गिरावट

Frequently Asked Questions (FAQs)

हवाई टिकट इतने महंगे क्यों हो रहे हैं?

क्षेत्रीय युद्ध और Strait of Hormuz बंद होने से जेट फ्यूल की कीमतें 82 डॉलर से बढ़कर 230 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं, जिससे टिकट के दाम बढ़ गए हैं।

कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद होने के बाद Jazeera Airways कहां से ऑपरेट कर रही है?

एयरलाइंस सऊदी अरब के दम्माम और काइसुमा जैसे एयरपोर्ट्स और मिस्र के काहिरा के जरिए ऑपरेशन चला रही है, साथ ही मिशरफ फेयरग्राउंड्स का इस्तेमाल कर रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.