कुवैत सरकार ने देश में खाने-पीने की चीज़ों की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। ईरान की तरफ से हुए हमले के बाद अब सरकार फूड सिक्योरिटी पर पूरा ध्यान दे रही है। बाज़ार में सामान की कमी न हो और कीमतें न बढ़ें, इसके लिए कई कड़े फैसले लिए गए हैं ताकि आम जनता और प्रवासियों को कोई परेशानी न हो।

कुवैत सरकार ने आम जनता के लिए क्या इंतज़ाम किए हैं?

सरकार ने सभी ज़रूरी खाद्य पदार्थों के दाम फिक्स कर दिए हैं ताकि कोई भी दुकानदार मनमाना पैसा न वसूल सके। साथ ही, खाने-पीने के सामान को देश से बाहर भेजने यानी एक्सपोर्ट करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। जिन कंपनियों ने सामान मंगवाया है, उनकी अतिरिक्त लागत का खर्चा भी कॉमर्स मंत्रालय उठाएगा ताकि सामान की सप्लाई चैन न टूटे और बाज़ार में चीज़ें उपलब्ध रहें।

भविष्य के लिए क्या तैयारी की जा रही है?

प्रधानमंत्री Sheikh Ahmed Abdullah Al-Ahmed Al-Sabah ने बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स को मज़बूत करने के निर्देश दिए हैं। सरकार अब बड़े गोदाम बनाने के लिए ज़मीन का इंतज़ाम कर रही है ताकि लंबे समय तक अनाज और ज़रूरी सामान स्टोर किया जा सके। इसके अलावा, GCC देशों के साथ मिलकर कस्टम और ट्रांज़िट नियमों को आसान बनाया गया है ताकि सामान जल्दी और बिना किसी रुकावट के देश में आ सके।

बाज़ार और पोर्ट्स की निगरानी कैसे हो रही है?

बाज़ार में जमाखोरी रोकने के लिए सरकारी टीमें लगातार फील्ड निरीक्षण कर रही हैं। कमर्शियल पोर्ट्स पर काम बिना रुके चालू रखने के लिए सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। उपभोक्ता सहकारी समितियों और बेकरी कंपनियों के साथ तालमेल बिठाया गया है ताकि हर घर तक राशन पहुँचता रहे और आपातकालीन स्थिति में शेल्टर होम के लिए भी पर्याप्त इंतज़ाम रहें।