कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है। इस मुलाकात में परमाणु सुरक्षा और खाड़ी क्षेत्र के ताजा हालात को लेकर बातचीत हुई। कुवैत और IAEA के बीच यह सहयोग ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व में लगातार तनाव बना हुआ है। सरकारी समाचार एजेंसी कुना (KUNA) के अनुसार, दोनों पक्षों ने परमाणु सुरक्षा मानकों को मजबूत करने पर चर्चा की है।

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कुवैत और IAEA के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर

इससे पहले अप्रैल 2026 में भी कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह अल-जैबर अल-सबा और राफेल ग्रॉसी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। उस दौरान परमाणु सुरक्षा और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए कुवैत और IAEA के बीच सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया था। खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय समन्वय को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है और दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे के संपर्क में बने हुए हैं।

परमाणु ठिकानों की सुरक्षा और IAEA की तैयारी

IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने हाल ही में मध्य पूर्व के सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि परमाणु ठिकानों पर किसी भी तरह का हमला गंभीर संकट पैदा कर सकता है। ग्रॉसी ने स्पष्ट किया है कि एजेंसी खाड़ी देशों में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और क्षेत्र की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रही है। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दों को सुलझाने के लिए भी IAEA ने बातचीत का प्रस्ताव दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत के विदेश मंत्री और IAEA प्रमुख की बैठक में मुख्य मुद्दा क्या था?

इस बैठक में मुख्य रूप से न्यूक्लियर सेफ्टी (परमाणु सुरक्षा), नियामक ढांचे में सुधार और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर कुवैत और IAEA के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

IAEA ने खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर क्या कहा है?

IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि एजेंसी खाड़ी देशों में किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति का सामना करने और उसकी निगरानी के लिए पूरी तरह तैयार है।