कुवैत की सीमा पर हुए ड्रोन हमलों के बाद अब देश की सुरक्षा को लेकर हलचल तेज हो गई है। विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah ने मिस्र, ओमान और कनाडा के मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठकें की हैं। इन मुलाकातों में इस बात पर जोर दिया गया कि इलाके में शांति कैसे बनी रहे और आने वाले समय में खतरों से कैसे निपटा जाए।
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किन देशों के साथ हुई बात और क्या रहा मुख्य मुद्दा?
कुवैत के विदेश मंत्री ने सोमवार को मिस्र के विदेश मंत्री Dr. Bader Abdelatty, ओमान के विदेश मंत्री Bader Al-Busaidi और कनाडा की विदेश मंत्री Anita Anand से चर्चा की। इन बातचीत का मुख्य मकसद क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ाना था। सभी देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना जरूरी है।
ड्रोन हमले और अन्य देशों की प्रतिक्रिया क्या रही?
बता दें कि 24 अप्रैल को कुवैत के उत्तरी बॉर्डर पर इराक की तरफ से फाइबर-ऑप्टिक केबल वाले विस्फोटक ड्रोन से हमला हुआ था। इस हमले में कुछ सामान का नुकसान हुआ लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। इस घटना पर ओमान और मिस्र ने कड़ी निंदा की और कुवैत के साथ अपनी एकजुटता जताई। जॉर्डन के राजा Abdullah II ने भी कहा कि कोई भी समझौता तभी सफल होगा जब उसमें खाड़ी देशों की सुरक्षा की पूरी गारंटी होगी।
अमेरिका और UAE का इस स्थिति पर क्या रुख है?
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कुवैत के विदेश मंत्री ने अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio से भी फोन पर बात की। वहीं UAE ने भी ईरान की आक्रामक हरकतों पर अपनी नाराजगी जताई है। UAE के नेशनल मीडिया अथॉरिटी के चेयरमैन Abdulla Al Hamed ने कहा कि UAE अपनी बात को लेकर पारदर्शी है और आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बहुत जरूरी है ताकि पूरे क्षेत्र में शांति बनी रहे।